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Storia के '100% नारियल पानी' का सच पता चला, कोर्ट ने जुर्माना ठोका है

CCPA ने कंपनी पर जुर्माना तो लगाया ही, इसके ही वेबसाइट, पैकेजिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से भ्रामक ऐड्स तुरंत हटाने का निर्देश दिया है.

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23 जून 2026 (पब्लिश्ड: 07:07 PM IST)
Storia fine 1 lakh
जांच में पता चला कंपनी के प्रोड्क्ट्स में पानी की मात्रा असली फ्रूट पल्प से भी ज्यादा है. फोटो- सोशल मीडिया
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स्टोरिया (Storia) फूड्स एंड बेवरेजेज़ पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगा है. कंपनी पर अपने कुछ प्रोडक्ट्स के बारे में भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापारिक तरीके अपनाने का आरोप है. इसके चलते भारत सरकार की उपभोक्ता संरक्षण संस्था (CCPA) ने कंपनी पर जुर्माना लगाया. साथ ही वेबसाइट, पैकेजिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से भ्रामक ऐड्स तुरंत हटाने का निर्देश दिया है.

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, CCPA ने कंपनी के खिलाफ खुद संज्ञान (Suo moto) लेते हुए मामला शुरू किया था. CCPA की मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा ने 18 जून को यह आदेश जारी किया. CCPA के मुताबिक, स्टोरिया अपने नारियल पानी को "100% Tender Coconut Water" और "100% Natural Tender Coconut Water" बताकर बेच रही थी, लेकिन प्रोडक्ट के लेबल के मुताबिक इसको पानी और 9.6% नारियल पानी का कॉन्संट्रेट मिलाकर तैयार किया गया था. यानी ये सीधे नारियल से निकाला गया शुद्ध नारियल पानी नहीं था.

हर जूस में एप्पल जूस!

नारियल पानी के अलावा अनार, मिक्स्ड फ्रूट, मैंगो और अमरूद-चिली जैसे फ्लेवर्ड ड्रिंक्स पर "100% Juice" लिखा था. जांच में पता चला कि इन फ्लेवर्ड ड्रिंक्स में सबसे ज्यादा मात्रा पानी की थी, जबकि फलों का गूदा (fruit pulp) या कॉन्संट्रेट सिर्फ 4% से 16% तक ही था. इनमें एप्पल जूस कॉन्संट्रेट भी मिला हुआ था. CCPA ने कहा कि कंपनी जिन ड्रिंक्स को 'अनार' और 'मिक्स्ड फ्रूट' जैसे नामों से बेच रही थी, उनमें अनार या दूसरे फलों से ज्यादा मात्रा में सेब के जूस का कॉन्संट्रेट मिला हुआ था. ऐसे में ग्राहकों को ये लग सकता है कि उत्पाद मुख्य रूप से उसी फल से बना है, जबकि हकीकत कुछ और थी.

CCPA ने कहा कि आम उपभोक्ता के लिए "100% Juice" का मतलब है कि प्रोडक्ट पूरी तरह फल से बना होगा और उसमें पानी, चीनी या दूसरी चीजों की मिलावट नहीं होंगी. अथॉरिटी ने ये भी कहा कि पैक के पीछे दी गई जानकारी, सामने से किए गए बड़े दावों को सही साबित नहीं कर सकती. यानी पैकेट पर सामने "100% नारियल पानी" लिखकर पीछे ये बताना कि उत्पाद दोबारा तैयार (reconstituted) किया गया है, ये उपभोक्ताओं को भ्रमित करने जैसा ही है.

रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में ये भी पाया गया कि कंपनी ने अपने उत्पादों के लिए "वायरस से लड़ता है", "मेटाबॉलिज्म बेहतर करता है", "थकान दूर करता है" और "पानी से तेज शरीर को हाइड्रेट करता है" जैसे स्वास्थ्य संबंधी दावे किए थे. लेकिन इनके समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं दिए. CCPA ने यह भी पाया कि स्टोरिया की वेबसाइट पर "Combats Virus" (वायरस से लड़ता है) वाला दावा सितंबर 2024 तक दिखाई दे रहा था, जबकि कंपनी का कहना था कि उसने यह दावा दिसंबर 2023 में ही हटा दिया था.

भ्रामक ऐड्स तुरंत हटाने का आदेश

अब CCPA ने स्टोरिया को आदेश दिया है कि वह अपनी वेबसाइट, पैकेटों और ऑनलाइन बिक्री वाले प्लेटफॉर्म्स से "100% नारियल पानी", "100% प्राकृतिक नारियल पानी" और "100% जूस" जैसे दावे तुरंत हटाए. साथ ही, उनका प्रोडक्ट "वायरस से लड़ता है", "मेटाबॉलिज्म बेहतर करता है", "थकान दूर करता है" और "पानी से भी तेजी से शरीर में पानी की कमी पूरी करता है" जैसे दावे करने पर भी रोक लगा दी गई है.

CCPA ने यह भी साफ किया है कि आगे से कंपनी अपने किसी भी उत्पाद के स्वास्थ्य लाभ का दावा तभी कर सकेगी, जब उसके पास उसे साबित करने वाले पर्याप्त वैज्ञानिक सबूत हों.

वीडियो: Youtube-Facebook पर करोड़ों का जुर्माना क्यों लगा?

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