The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • sharad pawar concern us india trade deal agriculture impact

अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर शरद पवार ने जताई चिंता, किसानों के हित को लेकर उठाए सवाल

India-US Trade डील पर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है. विपक्षी नेताओं ने इसे लेकर संसद में भारी हंगामा भी किया. अब पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री Sharad Pawar ने भी डील के कुछ प्रावधानों को लेकर चिंता जताई है.

Advertisement
sharad pawar concern us india trade deal agriculture impact
शरद पवार ने डील के कुछ प्रावधानों को किसानों के लिए चिंता का विषय बताया है. (Photo: ITG/File)
pic
सचिन कुमार पांडे
4 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 03:04 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर विपक्ष का विरोध जारी है. अब एनसीपी (SP) प्रमुख और देश के पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार ने इस डील के कुछ प्रावधानों को किसानों के लिए चिंता का विषय बताया है. उन्होंने कहा है कि नई टैरिफ डील के तहत भारत में एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट की अनुमति मिल जाएगी. इससे भारतीय किसानों और डोमेस्टिक एग्रीकल्चर सेक्टर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.

हालांकि शरद पवार ने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की साफ तस्वीर अगले दो दिनों में सामने आएगी. न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक शरद पवार ने बुधवार, 4 फरवरी को बारामती में मीडिया से बात करते हुए कहा,

डील पर तस्वीर साफ होने के बाद ही हम टिप्पणी कर सकते हैं. हालांकि, अमेरिका द्वारा घोषित भारत-अमेरिका टैरिफ समझौते में एक प्रावधान है, जो भारत को कृषि निर्यात की अनुमति देता है. यह भारतीय किसानों और घरेलू कृषि क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है. अमेरिका एक शक्तिशाली अर्थव्यवस्था है. और ऐसे देश द्वारा बड़े पैमाने पर कृषि निर्यात से अन्य देशों में लोकल प्रोडक्ट्स पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. मुझे उम्मीद है कि भारतीय कृषि क्षेत्र को सुरक्षित रखा जाएगा और ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा.

ट्रंप के दावे पर उठे सवाल

मालूम हो कि दो दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत के साथ ट्रेड डील फाइनल होने की घोषणा की थी. तब उन्होंने कहा था कि डील के तहत भारत अमेरिका के एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स को इम्पोर्ट की अनुमति देगा. ट्रंप के इस दावे पर भारत में काफी सवाल उठे. इसके बाद सरकार ने सफाई देते हुए कहा कि डील में भारतीय किसानों के हितो को नुकसान पहुंचाने वाला कोई भी समझौता नहीं किया गया है.

यह भी पढ़ें- क्या वाकई रूस से तेल खरीदना बंद करने जा रहा है भारत, ट्रंप का दावा सच है या झूठ?

कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल ने 4 फरवरी को संसद में बताया कि सरकार ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील सेक्टर को सुरक्षित रखा है. हालांकि विपक्ष इसे लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है. विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने भारतीय हितों के साथ अमेरिका से समझौता कर लिया है. इसे लेकर विपक्ष ने बुधवार को संसद में भारी हंगामा किया. सदन के बाहर तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया.

वीडियो: भारत-अमेरिका ट्रेड डील: भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने क्या बताया?

Advertisement

Advertisement

()