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कानपुर में नाबालिग से गैंगरेप, यूट्यूबर गिरफ्तार, आरोपी पुलिस सब इंस्पेक्टर फरार

Kanpur Gang Rape: पीड़िता के परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने शुरू में मामले को दबाने की कोशिश की. जब परिवार ने बताया कि इसमें पुलिसकर्मी शामिल है, तो उन्हें थाने से वापस कर दिया गया.

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Schoolgirl gangraped in Kanpur YouTuber nabbed, hunt on for sub inspector
शिवबरन यादव को पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया, जबकि अमित कुमार मौर्य फरार है. (फोटो- इंडिया टुडे)
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प्रशांत सिंह
8 जनवरी 2026 (पब्लिश्ड: 08:33 AM IST)
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कानपुर के सचेंडी इलाके में 14 साल की एक नाबालिग लड़की के साथ कथित अपहरण और गैंगरेप का मामला सामने आया है. इस सनसनीखेज वारदात में एक स्थानीय यूट्यूबर को गिरफ्तार कर लिया गया है. जबकि आरोपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर फिलहाल फरार है. इस मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई भी है. मामले की जांच के लिए 4 टीमों का गठन किया गया है.

पुलिस के मुताबिक पीड़िता सोमवार, 5 दिसंबर की रात करीब 10 बजे अपने घर के पास से एक महिंद्रा स्कॉर्पियो कार में अगवा कर ली गई थी. वो क्लास 7वीं तक पढ़ी है. अगवा करने के बाद आरोपी यूट्यूबर शिवबरन यादव और सब-इंस्पेक्टर अमित कुमार मौर्य उसे रेलवे ट्रैक के पास एक सुनसान जगह पर ले गए. जहां दोनों ने लगभग दो घंटे तक पीड़िता का गैंगरेप किया. पुलिस के अनुसार बेहोशी की हालत में दोनों ने पीड़िता को उसके घर के बाहर छोड़ दिया.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता के बयान के आधार पर मामले में FIR दर्ज कर ली गई है. FIR में सब-इंस्पेक्टर अमित कुमार मौर्य और यूट्यूबर शिवबरन यादव का नाम शामिल है. शिवबरन यादव को पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया, जबकि अमित कुमार मौर्य फरार है. पुलिस ने उसके पकड़ने के लिए चार अलग-अलग टीमें गठित की हैं. अपराध में इस्तेमाल स्कॉर्पियो कार भी सब-इंस्पेक्टर अमित कुमार की है, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है. कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया,

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कानपुर पुलिस की बयान.

पीड़िता के परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने शुरू में मामले को दबाने की कोशिश की. जब परिवार ने बताया कि इसमें पुलिसकर्मी शामिल है, तो उन्हें थाने से वापस कर दिया गया. परिवार का कहना है कि पुलिस ने लड़की का मोबाइल भी छीन लिया और तब तक घर वापस नहीं आने दिया, जब तक उसका कोर्ट में बयान दर्ज नहीं हो गया.

इस मामले में सचेंडी थाने के तत्कालीन प्रभारी विक्रम सिंह को निलंबित कर दिया गया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने शुरू में पॉक्सो एक्ट (बाल यौन शोषण से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) के तहत केस दर्ज नहीं किया और रिकॉर्ड में गलत तथ्य दर्ज किए. उनकी जगह अब दीनानाथ मिश्रा को थाने का प्रभारी बनाया गया है.

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने डीसीपी (वेस्ट) दिनेश चंद्र त्रिपाठी को हटा दिया गया है. आयुक्त ने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ चल रही है और दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

वीडियो: राजकोट में 7 साल की बच्ची के साथ रेप की कोशिश, आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने क्या बताया?

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