PM मोदी के सामने सैम आल्टमैन और अमोडेई ने क्यों नहीं पकड़े हाथ? वजह सामने आ गई
एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ उठाने वाले इशारे पर सभी मेहमानों ने एक-दूसरे का हाथ थामा, लेकिन सैम ऑल्टमैन और डेरियो अमोडेई ने ऐसा नहीं किया. इस घटना के बाद दोनों के रिश्तों में तनाव को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं.

फरवरी 2026. नई दिल्ली में एआई को लेकर सबसे बड़ी समिट (AI Impact Summit) चल रही थी. दुनिया भर के टेक दिग्गज एक जगह पर जुटे थे. बड़ा मंच सजा था, जिस पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे. सबके सब एक साथ मंच पर लाइन लगाकर खड़े थे. तभी फोटो खींची जाने लगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इशारा किया कि सभी लोग एक दूसरे का हाथ पकड़कर ऊपर उठाएं. थोड़ी ही देर में सभी लोग एक दूसरे का हाथ थामे और ऊपर उठाए मानव श्रंखला बनाकर खड़े थे. लेकिन इसी कतार में दो लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने एक दूसरे का हाथ नहीं पकड़ा. इसने सहज ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. एकदम अगल-बगल खड़े इन दोनों व्यक्तियों ने अपने हाथ ऊपर उठाए लेकिन एक दूसरे का हाथ नहीं थामा और हवा में मुट्ठी बनाकर छोड़ दिया.
दोनों टेक इंडस्ट्री की दिग्गज पर्सनैलिटीज थे और एक जमाने में साथ-साथ काम भी कर चुके थे. दोनों का इतिहास भी ‘कट्टर’ कंपटीशन का रहा है. ऐसे में लोगों ने मान लिया कि इस हाथ न मिलाने की वजह दोनों के बीच कोई सीरियस झगड़ा ही हो सकता है. लेकिन अब इनमें से एक ने सारी स्थिति साफ कर दी है कि उस दिन हुआ क्या था और दोनों ने ऐसा क्यों किया.
किसकी बात हो रही?जिन दोनों व्यक्तियों की हम बात कर रहे हैं, उनमें से एक OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) और दूसरे Anthropic के CEO डेरियो अमोडेई (Dario Amodei) थे. एआई समिट के दौरान मंच पर दोनों एकदम अगल-बगल खड़े थे. फोटो सेशन के दौरान जब पीएम मोदी ने सभी से एक दूसरे का हाथ थामकर उसे हवा में उठाने को कहा तब ऑल्टमैन और अमोडेई असहज हो गए. उन्होंने हाथ तो ऊपर उठाए, लेकिन उन्हें मुट्ठी बनाकर हवा में छोड़ दिया. एक दूसरे का हाथ नहीं थामा तो नहीं थामा. इससे वहां एक अप्रिय स्थिति बन गई, जिस पर पूरी दुनिया के लोगों का ध्यान गया.
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अमोडेई ने क्या कहा?हालांकि, इसे लेकर अब डारियो अमोडेई ने सफाई दे दी है. Bloomberg को दिए अपने एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उस घटना का ऑल्टमैन से उनकी राइवलरी से कोई लेना-देना नहीं है. बल्कि वो कार्यक्रम काफी अव्यवस्थित था, जिसमें आखिरी वक्त में भी बार-बार लोगों की जगह बदली जा रही थी. आमेडेई ने कहा कि ग्रुप फोटो खिंचवाने से ठीक पहले आयोजकों ने अचानक मंच पर मौजूद लोगों से एक दूसरे का हाथ पकड़ने के लिए कहा. इस वजह से मंच पर असहज हालात बन गए थे. बाद में इसे लोगों ने ऑल्टमैन और अमोडेई के बीच तनाव के रूप में समझ लिया. आमेडेई ने कहा,
असल में समिट का इंतजाम काफी अव्यवस्थित था. हम सब आखिरी समय में पर वहां पहुंचे. फिर उन्होंने (आयोजकों ने) हमारे खड़े होने का क्रम बदल दिया. हमारी फोटो ली और फिर हमसे हाथ पकड़ने के लिए कहा. यह कुछ वैसा ही था जैसे नरेंद्र मोदी अचानक सबसे हाथ पकड़ने के लिए कह दें.
उन्होंने ये भी कहा कि दुनिया भर में ऐसे बड़े कार्यक्रमों में जहां कई बड़े नेता और मेहमान मौजूद होते हैं, वहां ऐसी अव्यवस्थाएं हो जाती हैं.
इस इंटरव्यू में अमोडेई ने 2021 में OpenAI छोड़ने के अपने फैसले पर भी बात की. उन्होंने कहा कि उनके कंपनी के साथ मतभेद तो थे लेकिन कंपनी छोड़ने की यही एक वजह नहीं थी, बल्कि असली समस्या भरोसे की थी. ओमेडेई ने कहा कि उन्हें कंपनी (ओपन एआई) के कामकाज, ईमानदारी और मूल्यों को लेकर कुछ चिंताएं थीं, इस वजह से उनके लिए वहां काम करना मुश्किल हो गया था.
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