बच्चे की हत्या, उम्रकैद का दोषी, 'एक्स मुस्लिम' सलीम वास्तिक का ये 'सच' कोई नहीं जानता था
Salim Wastik एक यूट्यूबर है, जो खुद को 'एक्स-मुस्लिम' बताता है. साल 1997 में अदालत ने सलीम को 13 साल के बच्चे की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

दिल्ली पुलिस ने 31 साल पुराने अपहरण और हत्या के मामले में दोषी सलीम वास्तिक (Salim Wastik) को गिरफ्तार कर लिया है. सलीम वास्तिक एक यूट्यूबर है, जो खुद को 'एक्स-मुस्लिम' बताता है. साल 1997 में अदालत ने सलीम को 13 साल के बच्चे की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी. करीब दो महीने पहले उस पर जानलेवा हमला भी हुआ था. इस हमले में उसके गले पर गंभीर चोटें आई थीं.
क्या है पूरा मामला?आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, एंटी रॉबरी एंड सीरियस क्राइम (ARSC) टीम ने सलीम वास्तिक को गाजियाबाद के लोनी से गिरफ्तार किया है. वह पिछले 26 सालों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था. 20 जनवरी 1995 को सलीम वास्तिक और उसके साथी अनिल ने एक 13 साल के मासूम को किडनैप कर लिया था. यह बच्चा दिल्ली के एक कारोबारी का था.
किडनैपिंग के बाद 30 हजार रुपये की फिरौती मांगी गई. लेकिन पैसे मिलने से पहले बच्चे की हत्या कर दी गई. बाद में उसकी लाश मुस्तफाबाद के एक नाले से मिली. जांच के दौरान शक सलीम पर गया, जो उस समय स्कूल में मार्शल आर्ट्स ट्रेनर था. पूछताछ में उसने अपना गुनाह कबूल किया और अपने साथी अनिल का नाम भी बताया. दोनों ने मिलकर पैसे के लालच में इस वारदात को अंजाम दिया था.
1997 में दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई. लेकिन 2000 में सलीम को अंतरिम जमानत मिली और वह वापस नहीं लौटा. फिर 2011 में हाईकोर्ट ने उसकी सजा को बरकरार रखा, लेकिन तब तक वह अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग जगहों पर छिप चुका था. इसके बाद उसने खुद को मृत तक घोषित करवा दिया. नई पहचान बनाई और सालों तक पुलिस से बचता रहा.
आजतक से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट मुताबिक, इस दौरान वो हरियाणा में छिपा रहा और बाद में गाजियाबाद के लोनी इलाके में कपड़े की दुकान चलाने लगा. उसने सोशल मीडिया पर अपनी एक नई पहचान भी बना ली. सोशल एक्टिविस्ट और यूट्यूबर की. वो अक्सर अपने बयानों और वीडियोज को लेकर विवादों में रहता था.
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कौन है सलीम वास्तिक?
सलीम वास्तिक मूल रूप से शामली का रहने वाला है. करीब 20 साल पहले वह गाजियाबाद के लोनी में आकर बस गया. शुरुआत में वो कंस्ट्रक्शन और कुछ समय तक मौलवी का काम करता था, लेकिन बाद में उसने इस्लाम धर्म छोड़ दिया. खुद को नास्तिक बताने लगा और अपने नाम के साथ वास्तिक जोड़ लिया.
उसने लोनी में अपना ऑफिस बनाया और टीवी डिबेट्स में एक्स-मुस्लिम के तौर पर हिस्सा लेने लगा. बाद में उसने यूट्यूब चैनल शुरू किया, जहां वो इस्लाम, मदरसों की शिक्षा, जैसे मुद्दों पर सवाल उठाता था. अब इस अपहरण और हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आखिरकार उसे ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया है और उसे तिहाड़ जेल भेज दिया है.
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