भारत को मिली ‘टैंक किलर’ AT4, यूक्रेन में कर चुकी है कमाल, अब पाकिस्तानी VT-4 टैंकों की बारी!
AT4 Anti-Armor ह्यूमन पोर्टेबल हथियार है. इसका वजन सिर्फ 7.5 किलो होता है. इसे जवान कंधे पर रखकर फायर कर सकते हैं. इससे 300 मीटर की दूरी से दुश्मन पर सटीक हमला किया जा सकता है. ये एक ही शॉट के बाद डिस्पोजेबल हो जाता है. यानी एक बार दागने के बाद इसे फेंक दिया जाता है.

पहलगाम हमले (Pahalgam Terror Attack) के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई है. इस बीच स्वीडिश कंपनी SAAB ने भारतीय सेना को AT4 एंटी-आर्मर वेपन सिस्टम की डिलीवरी की घोषणा की है. SAAB इंडिया ने बताया कि उसने कामयाबी के साथ भारतीय सुरक्षा बलों को AT4 Anti-Armor सिस्टम सौंप दिया है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर SAAB इंडिया ने बताया,
भारतीय सेना एटी4 एंटी-आर्मर से पहाड़ी इलाके में बंकर बना कर छिपे दुश्मनों पर सिंगल शॉट अटैक कर सकती है. इसके अलावा इसको लॉन्च करने के लिए काफी कम जगह की जरूरत होती है. इसे इमारतों में छिपकर भी फायर किया जा सकता है. भारत ने खास तौर पर आतंकवाद विरोधी अभियान के लिए इसे खरीदा है.
AT4 एंटी-आर्मर मानव-पोर्टेबल हथियार है. इसका वजन सिर्फ 7.5 किलो होता है. इसे जवान कंधे पर रखकर फायर कर सकते हैं. इससे 300 मीटर की दूरी से दुश्मन पर सटीक हमला किया जा सकता है. ये एक ही शॉट के बाद डिस्पोजेबल हो जाता है. यानी एक बार दागने के बाद इसे फेंक दिया जाता है. AT4 में प्रीलोडेड HEAT वारहेड होता है, जिसे टैंक, बख्तरबंद वाहन, बंकर या दीवार और लो-फ्लाइंग हेलीकॉप्टर्स को भेदने के लिए डिजाइन किया गया है.
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अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन, जर्मनी और फ्रांस की सेना AT4 Anti-Armor का इस्तेमाल करती है. यूक्रेनी सैनिकों ने इससे रूसी टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को काफी नुकसान पहुंचाया है. हालांकि भारत इसका नया ग्राहक है. लेकिन भारतीय सेना लंबे समय से साब द्वारा डिजाइन किया गया कार्ल-गुस्ताफ शोल्डर-फायर हथियार प्रणाली का इस्तेमाल करती आ रही है.
वीडियो: 'भारत हमला करने वाला है', पाकिस्तान के मंत्री ने क्या आशंका जताई है?

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