'बड़ी मछलियों को बचा लिया... ', राम मंदिर दान चोरी मामले में कार्रवाई पर बोले अखिलेश यादव
अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले में आठ लोग गिरफ्तार हुए हैं. समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'बड़ी मछलियों' को बचाया जा रहा है.

अयोध्या के राम मंदिर में ‘दान चोरी’ और गबन के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. यह गिरफ्तारी सभी आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज होने के कुछ घंटों बाद ही हुई. समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि ‘बड़ी मछलियों’ को बचाया जा रहा है.
विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोपइस मामले में गुरुवार, 25 जून को पहली FIR दर्ज की गई. इसके बाद अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के बड़े पदाधिकारियों को बचाया जा रहा है, जबकि छोटे पदाधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया गया है. ‘X’ पर उन्होंने लिखा,
“जनता कह रही है कि पहले SIT के बहाने सारे सबूत साफ कर दिये गये होंगे और ये निश्चित कर लिया गया होगा कि किन बड़ी मछलियों को बचाना है और किसको फंसाना है, उसके बाद FIR हो रही है. लगता है SIT को पहले रिपोर्ट बनाकर दे दी गई होगी और उसके हिसाब से जांच की गई होगी मतलब निष्कर्ष पहले निकाल लिया गया होगा.”
वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने लिखा,
“मैंने आज SIT को जमीन घोटाले से संबंधित दस्तावेज दिए, जिसमें चंपत राय, अनिल कुमार मिश्रा, बीजेपी के पूर्व मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और उनके भतीजे दीप नारायण का फंसना तय था. लेकिन सैकड़ों करोड़ के घोटाले से ध्यान भटकाने के लिए ट्रस्ट ने कुछ कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने का नाटक रचा है. आखिर राम जी के मंदिर में डकैती डालने वाले, चंदा चुराने वाले, चंपत राय और उनके साथी जेल कब जाएंगे?”
आठ आरोपी गिरफ्तारश्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की सिफारिश के बाद पुलिस ने आठ नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी. इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, रमाशंकर यादव (टिन्नू), सुभाष. करुणेश पांडे और लवकुश मिश्रा का नाम शामिल है.

आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(ए) के तहत आरोप लगाए गए हैं. पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.
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अनुकल्प और लवकुश नोटों की गिनती काम काम करते थे. सुभाष काउंटिंग इंचार्ज की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. इनमें सबसे चर्चित नाम टिन्नू यादव का है, जो ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी हैं. हालांकि, FIR में चंपत राय का नाम शामिल नहीं है. जबकि उन पर भी चढ़ावा चोरी, वित्तीय अनियमितताओं और जमीन खरीद में घोटाले के गंभीर आरोप लगे हैं.
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