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प्रशांत किशोर अब इस आश्रम में रहेंगे, अगले बिहार चुनाव के लिए ले लिया बड़ा फैसला

Jan Suraaj Party के संस्थापक Prashant Kishor अब तक 'शेखपुरा हाउस' से अपना कामकाज चला रहे थे. पटना एयरपोर्ट के पास बना यह बंगला पूर्व बीजेपी सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह (पप्पू सिंह) के परिवार का है.

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21 मई 2026 (पब्लिश्ड: 01:38 PM IST)
Prashant Kishor moved to ashram life
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर. (फाइल फोटो: आजतक)
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जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने अगले बिहार विधानसभा चुनाव तक आश्रम में रहने का फैसला किया है. उन्होंने पिछले विधानसभा चुनावों से पहले अपनी पार्टी लॉन्च की थी. लेकिन वे एक भी सीट जीतने में नाकाम रहे थे. प्रशांत किशोर अब तक 'शेखपुरा हाउस' से अपना कामकाज चला रहे थे. पटना एयरपोर्ट के पास बना यह बंगला पूर्व बीजेपी सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह (पप्पू सिंह) के परिवार का है.

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर (पीके) ने 20 मई को दरभंगा में पत्रकारों से बात करते हुए कहा,

“कल रात, मैं पटना में जिस जगह रह रहा था, वहां से दूसरी जगह चला गया. IIT-पटना के पास बना 'बिहार नवनिर्माण आश्रम' अगले विधानसभा चुनावों तक मेरा ठिकाना रहेगा, उम्मीद है कि तब जन सुराज पार्टी अपना असर दिखाएगी.”

नीतीश कुमार पर साधा निशाना

प्रशांत किशोर ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा. उनके बेटे निशांत कुमार को बिहार कैबिनेट में स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर शामिल किया गया है. इस पर पीके ने कहा,

"जो व्यक्ति चुनाव के बाद मुख्यमंत्री बना, वह आर्थिक तंगी के कारण होने वाले पलायन को रोकने में नाकाम रहा. इसके बजाय, उसने खुद ही पलायन करना बेहतर समझा, लेकिन ऐसा करने से पहले उसने यह पक्का कर लिया कि उसके बेटे को राजनीति में अपनी जगह मिल जाए."

ये भी पढ़ें: अपने पिता की कौन सी सीख को पॉलिटिक्स में इस्तेमाल करते हैं प्रशांत किशोर?

उन्होंने बिहार के वोटरों से कहा कि वे जाति, धर्म या पैसे के लालच के आधार पर वोट देने के बजाय अपने फायदे को प्राथमिकता दें. उन्होंने कहा, 

"बिहार के लोगों को वोट देते समय अपने बच्चों के भविष्य के बारे में सोचना चाहिए. उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार या लालू प्रसाद जैसे नेताओं के बहकावे में नहीं आना चाहिए, और न ही उन्हें 10,000 रुपये के लिए अपना वोट बेचना चाहिए."

पिछले साल विधानसभा चुनावों से पहले राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ शुरू की थी. इसके तहत 1.5 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी गई थी.

वीडियो: राजधानी: प्रशांत किशोर बिहार में दोबारा एक्टिव होंगे या नहीं? पता चल गया है

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