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हॉस्टल के खाने से 80 से ज्यादा आदिवासी बच्चे बीमार, CM ने दिया सख्त एक्शन का आदेश

प्रशासन ने मामला सामने आने के बाद जांच शुरू कर दी है. खाने के सैंपल लिए गए हैं ताकि सही कारण पता चल सके. फिलहाल हॉस्टल के डिप्टी वॉर्डन और कुक को सस्पेंड कर दिया गया है.

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9 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 10:45 AM IST)
Polavaram Over 80 children admitted with heavy food poisoning
राज्य के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. (फोटो- इंडिया टुडे)
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आंध्र प्रदेश के पोलवरम जिले में नाश्ता करने के बाद कई बच्चे बीमार पड़ गए. देवरापल्ली गांव के सुननमपाडु पंचायत में सरकारी ट्राइबल वेलफेयर आश्रम हाई स्कूल (GTWAHS) के हॉस्टल में रहने वाले 80 से ज्यादा आदिवासी छात्रों को नाश्ते में दिए गए आधे पके इडली खाने से फूड पॉइजनिंग हो गई. मामला सामने आने के बाद डिप्टी वॉर्डन और कुक को सस्पेंड कर दिया गया है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक ये घटना शनिवार, 7 फरवरी की सुबह हुई. स्कूल में सुबह नाश्ते के लिए इडली और चटनी/सांभर परोसा गया था. लेकिन इडली ठीक से नहीं पकी थीं, जिससे बच्चे बीमार पड़ गए. बच्चों को उल्टी, पेट दर्द, कमजोरी और अन्य तकलीफें हुईं.

हालत बिगड़ने पर तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गईं और सभी छात्रों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया. ज्यादातर बच्चों को रामपचोडवरम एरिया हॉस्पिटल और मारेडुमिल्ली प्राइमरी हेल्थ सेंटर में इलाज दिया गया. अधिकारी ने बताया कि सभी बच्चे अब खतरे से बाहर हैं और उनकी हालत सुधर रही है.

मामला सामने आने के बाद से बच्चों के पेरेंट्स में आक्रोश है. उन्होंने हॉस्टल मैनेजमेंट पर लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि ये कोई नई बात नहीं है. एक दिन पहले भी दो बच्चों को खराब खाने से ऐसी ही समस्या हुई थी. छात्रों के माता-पिता मांग कर रहे हैं कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, खाने की व्यवस्था ठीक की जाए और निगरानी बढ़ाई जाए.

प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है. मामला सामने आने के बाद जांच शुरू कर दी गई है. खाने के सैंपल लिए गए हैं ताकि सही कारण पता चल सके. फिलहाल हॉस्टल के डिप्टी वॉर्डन और कुक को सस्पेंड कर दिया गया है.

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वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. सीएम ने जिला कलेक्टर से सोमवार, 9 फरवरी तक पूरी रिपोर्ट मांगी है और विभागीय व जरूरत पड़ने पर आपराधिक कार्रवाई का आदेश दिया है. उन्होंने छात्रों के इलाज की लगातार मॉनिटरिंग के भी निर्देश दिए हैं.

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