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'अल्पसंख्यकों पर चर्चा से परहेज...' ट्रंप-मोदी मुलाकात पर विदेशी मीडिया ने क्या लिखा?

PM Modi US Visit: किस मीडिया आउटलेट ने ट्रंप और मोदी पर आरोप लगाया कि दोनों ने अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर चर्चा से परहेज किया?

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14 फ़रवरी 2025 (पब्लिश्ड: 11:07 AM IST)
PM Modi, President Trump meet international media
अल जजीरा ने लिखा कि दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की प्रशंसा की, जबकि सार्वजनिक रूप से चर्चा के अधिक तीखे मुद्दों को टाल दिया. (फोटो- X)
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14 फरवरी को भारत से लेकर दुनियाभर में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात की चर्चा रही. दोनों के बीच वॉइट हाउस में हुई बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई. इस चर्चा के बीच दुनियाभर की मीडिया ने काफी कुछ लिखा. किसी ने ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ की बात की. तो किसी ने मोदी और ट्रंप के बीच भाईचारे की बात कही.

लेकिन किस मीडिया आउटलेट ने ट्रंप और मोदी पर आरोप लगाया कि दोनों ने अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर चर्चा से परहेज किया? ये जानने से पहले बताते हैं कि पीएम मोदी ने ट्रंप के बारे में मुलाकात के बाद क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वो इस बात की सराहना करते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा अपने देश को सर्वोपरि रखते हैं. वॉइट हाउस में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,

"मैं राष्ट्रपति ट्रंप की सराहना करता हूं कि वो हमेशा अपने देश को सबसे पहले रखते हैं. मैं भी यही करता हूं, ये ऐसी चीज है जो हम दोनों में समान है."

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को सराहना तो की. लेकिन रॉयटर्स ने दोनों नेताओं पर एक आरोप लगा दिया. रॉयटर्स ने लिखा,

“ट्रंप और मोदी ने अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर चर्चा से परहेज किया.”

रॉयटर्स ने आगे लिखा कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी भारत के साथ मजबूत संबंध बनाए रखे थे. पर उनके शीर्ष राजनयिक एंटनी ब्लिंकन ने कभी-कभी अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की निंदा की. रॉयटर्स ने ये भी लिखा कि, मानवाधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता पर विदेश विभाग की रिपोर्ट में हाल के वर्षों में भारत में हुए उल्लंघनों का उल्लेख किया गया है. नई दिल्ली ने उन्हें गंभीर रूप से पक्षपातपूर्ण बताया है.

पाकिस्तानी अखबार डॉन ने पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात को ‘ब्रोमांस’ बताया. डॉन ने लिखा कि भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी दोस्ती बढ़ाने की कोशिश करेंगे. और ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ और अप्रवासियों से जुड़े विवाद से बचने का प्रयास करेंगे.

अल जजीरा ने लिखा कि दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की प्रशंसा की, जबकि सार्वजनिक रूप से चर्चा के अधिक तीखे मुद्दों को टाल दिया. इनमें से मुख्य मुद्दा ट्रंप द्वारा हाल ही में घोषित किया गए रेसिप्रोकल टैरिफ का था. अल जजीरा ने लिखा कि, ट्रंप लंबे समय से विदेशी वस्तुओं पर अधिक टैरिफ दर के लिए भारत की आलोचना करते आए हैं. यहां तक ​​कि उन्होंने कथित तौर पर मोदी को "टैरिफ का राजा" भी कहा है.

दी वॉशिंग्टन पोस्ट ने टैरिफ और इंडो-पैसिफिक की बात की. लिखा कि,

“वैश्विक टैरिफ चिंताओं के बीच ट्रंप, मोदी का लक्ष्य भारत के साथ अमेरिकी व्यापार घाटे को कम करना है.”

दी वॉशिंग्टन पोस्ट ने ये भी लिखा कि, ये साझेदारी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में वॉशिंगटन की रणनीति का एक स्तंभ है. लेकिन इसे अवैध अप्रवासी, वीजा और व्यापार घाटे जैसे मुद्दों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

मोदी-ट्रंप की मुलाकात के बारे में दी न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी लिखा. NYT ने लिखा,

“वॉइट हाउस दौरे में ट्रंप और मोदी ने विवादों को पृष्ठभूमि में धकेल दिया.”

NYT ने ये भी छापा कि भारत के प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से राष्ट्रपति ट्रंप को खुश करने का प्रयास किया. जबकि ट्रंप उनके देश पर बड़े टैरिफ लगाने पर जोर दे रहे थे.

वीडियो: दुनियादारी: डॉनल्ड ट्रंप के गाजा प्लान का क्या होगा? अब किसे बाहर निकालने पर तुले?

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