पंचकूला सुसाइड केस: कार में 6 शव मिले थे, 7वें शख्स ने खुद बताया- '5 मिनट में मैं भी मर जाऊंगा'
अस्पताल पहुंचने पर परिवार के छह सदस्यों को मृत घोषित कर दिया गया. एक व्यक्ति जो उल्टी कर रहा था, वो जीवित था. उसको दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया. लेकिन वो भी नहीं बच पाया.

हरियाणा का पंचकूला. सेक्टर 27 में एक घर के बाहर एक कार खड़ी हुई. काफी देर तक कार वहीं रूकी रही. कुछ घंटे बीत जाने के बाद, स्थानीय लोगों ने देखा कि कार के भीतर छह लोग अचेत पड़े हैं. उन्होंने देखा कि ड्राइवर की सीट पर बैठा एक व्यक्ति अचेत पड़े लोगों पर उल्टी कर रहा था. पास में ही रहने वाले पुनीत राणा कार के पास गए. उल्टी कर रहे व्यक्ति ने कहा कि वो ‘पांच मिनट में मर जाएगा’ (Panchkula Suicide) क्योंकि उसने आत्महत्या कर ली है. उसने ये भी कहा कि वो पूरी तरह से कर्ज में डूब चुका है.
पुनीत ने उस व्यक्ति को कार से बाहर निकाला. उसकी सांसें चल रही थीं. आसपास खड़े लोगों ने उसे पानी पिलाया. स्थानीय लोगों ने तुरंत ही पुलिस से संपर्क किया. पुनीत ने दावा किया कि पुलिस समय पर पहुंच गई. लेकिन एम्बुलेंस 45 मिनट देरी से पहुंची. अस्पताल पहुंचने पर परिवार के छह सदस्यों को मृत घोषित कर दिया गया. एक व्यक्ति जो उल्टी कर रहा था, वो जीवित था. उसको दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया. लेकिन वो भी नहीं बच पाया.
मृतकों में 42 वर्षीय प्रवीण मित्तल, उनके माता-पिता, पत्नी और तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) शामिल हैं. शवों को पोस्टमार्टम के लिए पंचकूला के एक निजी अस्पताल में भेज दिया गया.
कुछ ही देर में मामला स्पष्ट हो गया. प्रवीण मित्तल ने अपने पूरे परिवार के साथ आत्महत्या कर ली. प्रवीण देहरादून से ताल्लुक रखते थे. पुलिस ने अपनी छानबीन के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. DCP अमित दहिया ने बताया,
कितना कर्ज था परिवार पर?
पुलिस के प्रेस कॉन्फ्रेंस से इतर इस घटना को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. मृतक प्रवीण मित्तल के मामा के बेटे संदीप अग्रवाल ने इंडिया टुडे ग्रुप को बताया कि मित्तल के परिवार पर कुल 20 करोड़ रुपये का कर्ज था. उसने बताया कि कर्ज नहीं चुकाने के कारण उनके परिवार को मौत की धमकियां दी जा रही थीं.
प्रवीण हिसार के बरवाला से ताल्लुक रखते थे. 12 साल पहले वो पंचकूला शिफ्ट हुए थे. संदीप अग्रवाल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में उनकी स्क्रैप फैक्ट्री थी. कर्ज नहीं चुकाने के कारण बाद में बैंक ने उस फैक्ट्री को जब्त कर लिया.
बढ़ते कर्ज के कारण परिवार को हिसार छोड़ना पड़ा. इसके बाद वो देहरादून रहने लगे. संदीप बताते हैं,
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हिमाद्री कौशिक ने कहा है कि फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूतों को इकट्ठा किया है. इन सबूतों की जांच की जा रही है.
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इस बीच खबर ये भी है कि ये परिवार पंचकूला में आयोजित बागेश्वर धाम की हनुमंत कथा में शामिल होने पहुंचा था. 26 मई की कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उन्होंने घर वापस जाने की बजाय अपनी हुंडई ऑरा कार को सेक्टर 27 इलाके में खड़ी कर दी और फिर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली.
नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)
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