'विपक्ष का नेता सदन से ऊपर नहीं... ', अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद बोले ओम बिरला
लोकसभा स्पीकर Om Birla ने कहा कि उन्होंने हमेशा यह कोशिश की है कि हर सांसद को बोलने का मौका मिले. इस दौरान उन्होंने Rahul Gandhi पर भी निशाना साधा और कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ‘सदन से ऊपर’ नहीं होता है.

ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का नो-कॉन्फिडेंस मोशन बुधवार, 11 मार्च को ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया. इसके बाद गुरुवार को ओम बिरला ने लोकसभा स्पीकर के तौर पर काम संभाला. अपने पहले संबोधन में बिरला ने कहा कि उन्होंने हमेशा यह कोशिश की है कि हर सांसद को बोलने का मौका मिले. इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ‘सदन से ऊपर’ नहीं होता है.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 12 मार्च को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि उनके काम, बिना किसी भेदभाव के थे. कांग्रेस के सीनियर नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा,
“कुछ सदस्यों का मानना था कि विपक्ष का नेता सदन से ऊपर होता है और किसी भी विषय पर बोल सकता है. किसी को भी इस तरह का कोई विशेष अधिकार नहीं मिला है. सदन अपने नियमों के हिसाब से काम करता है.”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संसद के नियमों के मुताबिक, प्रधानमंत्री और मंत्रियों को भी बयान देने के लिए पहले नोटिस देना पड़ता है. अपना भाषण खत्म करने से पहले, बिरला ने कहा कि उन्होंने हमेशा उन लोगों को हिम्मत दी है जो सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने में हिचकिचाते हैं. स्पीकर ने कहा,
"आजाद भारत के इतिहास में तीसरी बार लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई. मैंने हमेशा यह पक्का करने की कोशिश की है कि सदन में हर सदस्य नियमों और प्रक्रियाओं के तहत मुद्दों पर अपनी राय रखे."
बताते चलें कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस और विपक्ष ने नो-कॉन्फिडेंस मोशन दाखिल किया था. कांग्रेस, RJD, समाजवादी पार्टी, DMK सहित विपक्षी दलों के कुल 119 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए. हालांकि, 11 मार्च को लोकसभा में 12 घंटे की बहस के बाद हुए भारी हंगामे के बीच नो-कॉन्फिडेंस मोशन ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया.
कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है. पार्टी ने कहा है कि स्पीकर ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की बहस के दौरान बोलने का मौका नहीं दिया.
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हाल ही में स्पीकर ने आठ विपक्षी सांसदों को सदन में शोर-शराबा करने के लिए निलंबित कर दिया था. जिनमें से सात कांग्रेस के थे. कांग्रेस के नोटिस में ये भी कहा गया है कि एक बीजेपी सांसद को दो पूर्व प्रधानमंत्रियों पर व्यक्तिगत हमले करने की इजाजत दी गई, लेकिन विपक्ष की शिकायत के बावजूद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई.
स्पीकर ने सदन में कहा था कि उन्हें इस बात की ठोस जानकारी है कि कई कांग्रेस सदस्य पीएम मोदी की सीट की ओर बढ़ सकते हैं और ‘कुछ अनहोनी’ कर सकते हैं. कांग्रेस ने इस बयान पर भी आपत्ति जताई और कहा है कि ये स्पीकर के संवैधानिक पद का दुरुपयोग दिखाता है.
वीडियो: संसद में आज: ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश, विपक्ष ने क्या आरोप लगाए?

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