कर्मचारियों का प्रदर्शन हुआ उग्र, पत्थरबाजी-आगजनी, फैक्ट्रियों में काम ठप
Noida Protest: प्राइवेट कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की गई. हालांकि, जब भीड़ काबू से बाहर होती दिखी, तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया.

उत्तर प्रदेश के गौतबुद्धनगर जिले में पिछले तीन दिनों से चल रहा निजी कंपनियों के कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया. सोमवार, 13 अप्रैल को नोएडा फेस 2 इलाके में सैलरी बढ़ाने समेत कई मांगों को लेकर बड़ी संख्या में कर्मचारी सुबह से ही सड़कों पर उतर आए. देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शनकारियों ने गुस्से में आकर पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी. इसके अलावा कई अन्य गाड़ियों में आग भी लगा दी.
आज तक से जुड़े भूपेंद्र चौधरी की रिपोर्ट के मुताबिक, नोएडा सेक्टर-84 क्षेत्र में कम से कम दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया. वहीं, फेज-2 के अलग-अलग इलाकों में कर्मचारियों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया. DND समेत नोएडा के अलग-अलग हिस्सों से भयंकर जाम की तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं. कई जगह पुलिस ने रोड डायवर्जन किया है. रोड पर गाड़ियां रेंगती हुई नजर आ रही हैं.
प्रदर्शनकारी लंबे समय से वेतन वृद्धि और कामकाजी हालात में सुधार की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि महंगाई के दौर में मौजूदा वेतन काफी नहीं है, जिससे उनकी गुजर-बसर प्रभावित हो रही है. कर्मचारियों की बड़ी मांगों में मिनिमम सैलरी 13 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये करना, ओवरटाइम का पेमेंट और छुट्टियों का अलग से प्रावधान शामिल करना शामिल है.
हालात बिगड़ने पर पुलिस और प्रशासन हरकत में आया. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की गई. हालांकि, जब भीड़ काबू से बाहर होती दिखी, तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया. शहर में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है.
एक दिन पहले गौतबुद्धनगर जिला प्रशासन, पुलिस और प्राधिकरण के अधिकारियों ने कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी. इस बैठक में उनकी मांगों पर विचार करने और समाधान निकालने का आश्वासन दिया गया था. इसके बावजूद कर्मचारियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और सोमवार को आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया.
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
12 अप्रैल को गौतमबुद्धनगर की जिलाधिकारी (DM) मेधा रूपम ने नोएडा प्राधिकरण में एक मीटिंग ली. इसमें उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (श्रम) डॉ. एमके शनमुगा सुंदरम और उत्तर प्रदेश श्रम आयुक्त मार्कंडेय शाही भी वर्चुअली शामिल हुए.

इस मीटिंग में कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, बोनस, वीकली ऑफ और वर्कप्लेस सेफ्टी और सिक्योरिटी को लेकर बात की गई. इसके बाद कर्मचारियों से अपील करते हुए डीएम मेधा रूपम ने एक वीडियो भी पोस्ट किया था. हालांकि, नोएडा में कर्मचारियों की मांग अब भी बरकरार है.
DM ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए
श्रमिकों के व्यापक प्रदर्शन को देखते हुए डीएम मेधा रूपम ने शिकायतों को दर्ज कराने के लिए नंबर जारी किए. उन्होंने कहा कि मजदूरों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है. मजदूरों के वेतन से जुड़ी अन्य समस्याओं की शिकायत 120-2978231, 120-2978232, 120-2978862, 120-2978702 पर कर सकते हैं. डीएम ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाएगा.
हरियाणा में बढ़ा वेतन
इससे पहले हरियाणा के गुरुग्राम में भी आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियों में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की थी. बाद में हरियाणा सरकार ने न्यूनतम वेतन (मिनिमम वेजेज) की दरों को करीब 35 फीसदी बढ़ा दिया, जो 1 अप्रैल से लागू माना जाएगा.
इसके तहत हरियाणा सरकार ने अनस्किल्ड वर्कर्स (अकुशल श्रमिक) का वेतन 11,275 रुपये से बढ़ाकर 15,220 रुपये, सेमी-स्किल्ड वर्कर्स (अर्ध-कुशल श्रमिक) का वेतन 12,430 रुपये से बढ़ाकर 16,780 रुपये और स्किल्ड वर्कर्स (कुशल श्रमिक) का वेतन 13,704 रुपये से बढ़ाकर 18,500 रुपये और हाईली स्किल्ड वर्कर्स (अत्यधिक कुशल श्रमिक) का वेतन 14,389 रुपये से बढ़ाकर 19,425 रुपये कर दिया.
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