अमेरिकी हमलों के बाद काराकस में सब ठप, बिजली के खंभे में फोन चार्ज करने को मजबूर लोग
Venezuela after US military strikes: ब्रेड वाली दुकानों पर लंबी लाइनें लगी हैं. लोग किसी भी तरह का खाना जुटाने के जुगाड़ में लगे हैं. भारतीय नागरिक ने अंदर की कहानी बताई है.

अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को कैद कर लिया है. 3 जनवरी 2026 की आधी रात को अमेरिकी सेना ने 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' के तहत काराकस में हवाई हमले किए. इन हमलों के बाद इलाके में लोग डरे-सहमे हुए हैं. सुपर मार्केट ठप पड़ी हैं. सिर्फ छोटी दुकानें खुली हैं, जहां 500-600 लोग एक साथ लाइन में लगे हैं.
अमेरिकी एयर स्ट्राइक में काराकस के कई बुनियादी ढांचे और बिजली व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा है. जिससे राजधानी के बड़े हिस्से में अंधेरा पसरा है. काराकस में छोटे भारतीय समुदाय के सदस्य सुनील मल्होत्रा ने वेनेजुएला की स्थिति के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि देश में खाने-पीने की चीजों के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और हर तरफ डर व अनिश्चितता का माहौल छाया हुआ है. सुनील ने इंडिया टुडे टीवी को बताया,
“इलाके में काफी नुकसान हुआ है. काराकस के हवाई अड्डे पर हमला किया गया. शहर से करीब 100 किलोमीटर दूर देश के सबसे बड़ा एयरबेस को भी निशाना बनाया गया. सबसे ज्यादा तबाही Fuerte Tiuna में हुई, वहीं सबसे भारी असर पड़ा.”
हमले के बाद शहर की बड़ी-बड़ी दुकानें बंद हैं. पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं और पूरा शहर ठहर-सा गया है. चारों तरफ अनिश्चितता का माहौल है, लोग घरों के अंदर ही दुबके हुए हैं. सुनील ने बताया,
“ज्यादातर सुपर मार्केट बंद हैं. सिर्फ छोटी-छोटी मोहल्ले की किराना दुकानें खुली थीं, और उन पर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं. हर ब्लॉक में शायद 500 से 600 लोग लाइन में खड़े थे, और अंदर सिर्फ एक-दो लोगों को ही जाने दिया जा रहा था.”
सबसे लंबी कतारें ब्रेड वाली दुकानों पर दिख रही थीं, क्योंकि लोग किसी भी तरह का खाना जुटाने के जुगाड़ में लगे हैं. उन्होंने बताया,
“ऐसा नहीं है कि अभी पूरी तरह सामान खत्म हो गया हो, लेकिन फार्मेसी पर भी भारी भीड़ है. क्योंकि यहां की फार्मेसी भी टिन वाले खाने जैसे टूना, सार्डिन और हैम बेचती हैं.”
मल्होत्रा को भी कई लोगों की तरह अपने फोन को चार्ज करने के लिए काफी दूर तक पैदल जाना पड़ रहा है. जहां वो जाते हैं वहां भी अवैध तरीके से फोन चार्ज करना होता है, और घंटों इंतजार करना पड़ता है. उन्होंने आगे बताया,
“यहां से थोड़ी दूर एक स्ट्रीटलाइट में अभी भी बिजली आ रही है. हॉट डॉग बेचन वालों ने वहां बिजली चुराने का जुगाड़ लगा रखा है. अब लोग उसी से फोन चार्ज कर रहे हैं.”
मल्होत्रा ने कहा कि उन्हें अपना फोन चार्ज करने में करीब 7 घंटे लग गए थे. उन्होंने ये भी बताया कि काराकास में भारतीय कम्युनिटी काफी छोटी है. भारतीय दूतावास ने वेनेजुएला में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एक WhatsApp ग्रुप बनाया हुआ है और उसी के जरिए सबको सूचना शेयर की जा रही है.
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