Gen Z प्रोटेस्ट के बीच नेपाल की जेलों से 13 हजार से ज्यादा कैदी फरार
नेपाल की जेलों से कुल 13 हजार 572 कैदी फरार हो गए हैं. इसके साथ ही, पुलिस हिरासत में मौजूद 560 आरोपियों के भी भागने की खबर ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ये जेलब्रेक कांड न केवल नेपाल की कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन गया है.

नेपाल में हुई हिंसा ने देश को अशांति और सामाजिक उथल-पुथल में डाल दिया है. नेपाल की संसद, सचिवालय सहित कई नेताओं के आवास को आग के हवाले कर दिया गया. सेना ने स्थिति काबू करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था अपने हाथ में ले ली है. अब नेपाल पुलिस ने हिंसा से जुड़े कुछ आंकड़े जारी किए हैं. इनके मुताबिक, दो दिन की अराजकता के बीच नेपाल की अलग-अलग जेलों से 13 हजार से ज्यादा कैदी फरार हो गए हैं (Nepal 13000 inmates escaped). पुलिस हिरासत में लिए गए सैकड़ों कैदी भी भाग गए हैं.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल की जेलों से कुल 13 हजार 572 कैदी फरार हो गए हैं. इसके साथ ही, पुलिस हिरासत में मौजूद 560 आरोपियों के भी भागने की खबर ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ये जेलब्रेक कांड न केवल नेपाल की कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन गया है.
इधर भारत के सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भारत-नेपाल बॉर्डर पर पांच कैदियों को गिरफ्तार किया है. ये सभी भारत में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे. अधिकारियों ने बताया,
उधर Gen Z विरोध प्रदर्शन के दौरान घायलों की संख्या 1,033 तक पहुच गई है. नेपाली स्वास्थ्य मंत्रालय के शाम तक के आंकड़ों के अनुसार, 713 लोगों को अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है. मरने वालों की संख्या 30 हो गई है. कुल 55 लोगों को बाकी अस्पतालों में रेफर किया गया है, जबकि 253 नए मरीज भर्ती हुए हैं. सबसे ज्यादा घायल स्थानीय सिविल अस्पताल में हैं. यहां कुल 436 मरीज भर्ती हैं. नेशनल ट्रॉमा सेंटर में 161 और एवरेस्ट अस्पताल में 109 लोग भर्ती हैं. देश भर के 28 अस्पतालों में मरीजों का इलाज जारी है.
वीडियो: बवाल के बीच प्रोटेस्टर्स ने नेपाल की जेलों में बंद हजारों कैदियों को फरार कर दिया

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