Gen Z प्रोटेस्ट: नेपाल के सेना प्रमुख का बयान आया, आज रात से क्या करेगी सेना?
जनरल सिग्देल ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और हिंसक गतिविधियों से बचने का अनुरोध किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान चुनौतीपूर्ण स्थिति में शांति स्थापित करना और बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालना जरूरी है.

नेपाल में Gen Z प्रोटेस्ट के बीच सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल का बयान सामने आया है. उन्होंने देश में चल रही भारी हिंसा को देखते हुए शांति और संवाद की अपील की है. नेपाली सेना की ओर से एक बयान देते हुए जनरल अशोक राज सिग्देल ने कहा कि सेना नागरिकों की सुरक्षा और देश की ऐतिहासिक व राष्ट्रीय संपत्तियों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
फेसबुक पर शेयर किए गए एक वीडियो में जनरल सिग्देल ने आंदोलन के दौरान हुए जान-माल के नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई और कहा,
जनरल सिग्देल ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और हिंसक गतिविधियों से बचने का अनुरोध किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान चुनौतीपूर्ण स्थिति में शांति स्थापित करना और बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालना जरूरी है.
नेपाली सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान हिंसा और अशांति से न केवल नागरिकों का जीवन प्रभावित होता है, बल्कि देश की एकता और अखंडता को भी नुकसान पहुंचता है. उन्होंने "जय मातृभूमि, जय देश" का नारा देते हुए सभी पक्षों से एकजुट होकर देश हित में योगदान देने की अपील की.
नेपाल की सेना ने बताया कि वो रात 10 बजे से सुरक्षा अभियानों की कमान संभालेगी. सेना ने कहा,
सेना ने चेतावनी दी कि अगर ऐसी गतिविधियां जारी रहीं तो नेपाल सेना सहित सभी सुरक्षा तंत्र हिंसा को रोकने के लिए जुट जाएंगे. सेना ने जनता से सहयोग की अपील भी की और नागरिकों से विनाशकारी गतिविधियों में शामिल न होने या उनका समर्थन न करने का आग्रह किया.
पूर्व गृह मंत्री की अपीलउधर, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता और नेपाल के पूर्व गृह मंत्री रवि लामिछाने ने देशवासियों से राष्ट्र की संपत्ति की रक्षा करने और संयम बरतने की अपील की है. उनकी पत्नी निकिता पौडेल ने इस संदेश को सोशल मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाया. लामिछाने ने अपने संदेश में सबसे पहले आंदोलन में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. उन्होंने कहा,
हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि अब संयम बरतने की जरूरत है. लामिछाने ने चेतावनी दी कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज, पुलिस, सुरक्षा एजेंसियां और अदालतें देश की महत्वपूर्ण संपत्ति हैं. इनकी सुरक्षा न होने पर संवेदनशील दस्तावेज नष्ट हो सकते हैं, जो देश के लिए घातक साबित हो सकता है. उन्होंने कहा,
पूर्व गृह मंत्री ने ये भी बताया कि जनता के दबाव के कारण ही सरकार ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें जेल से रिहा किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि वो देश के कानूनों के प्रति वफादार हैं और भविष्य में किसी भी कानूनी प्रक्रिया के लिए तैयार हैं. उन्होंने सभी से संयम बरतने और जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करने की अपील की.
वीडियो: नेपाल में Gen-Z के प्रोटेस्ट के दूसरे दिन हिंसा, कई बड़े नेताओं का घर फूंका

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