The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • NEET-UG 2026 paper leak case first parent arrested maharashtra Latur doctor

NEET-UG पेपर लीक मामले में एक डॉक्टर भी अरेस्ट, बेटे के लिए खरीदा था पेपर

NEET-UG 2026 Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में लातूर के रहने वाले बाल रोग विशेषज्ञ मनोज शिरुरे की गिरफ्तारी हुई है. डॉक्टर पर अपने बेटे के लिए लीक हुए पेपर खरीदने का आरोप है.

Advertisement
pic
21 मई 2026 (पब्लिश्ड: 04:08 PM IST)
NEET-UG 2026 Paper Leak:
NEET-UG पेपर लीक को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश है. (फाइल फोटो: आजतक)
Quick AI Highlights
Click here to view more

NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने महाराष्ट्र के एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान लातूर के रहने वाले बाल रोग विशेषज्ञ मनोज शिरुरे के तौर पर हुई है. अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर ने कथित तौर पर अपने बेटे के लिए लीक हुए पेपर खरीदे थे, जिसने इस साल मेडिकल प्रवेश परीक्षा दी थी. इस मामले में गिरफ्तार होने वाले मनोज पहले अभिभावक हैं. 

इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी. सीबीआई ने दो दिन की पूछताछ के बाद मनोज शिरुरे को गुरुवार, 21 मई को गिरफ्तार किया. अब उन्हें दिल्ली कोर्ट में पेश किया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, मनोज पर रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पी वी कुलकर्णी और RCC क्लासेस के फाउंडर शिवराज मोटेगांवकर के संपर्क में रहने का आरोप भी है. दोनों ही जांच के दायरे में हैं. 

सूत्रों ने बताया कि मनोज के बेटे ने RCC क्लासेस के अलावा किसी अन्य संस्थान से कोचिंग ली थी. सूत्रों ने दावा किया कि कुछ माता-पिता ने परीक्षा से पहले लीक हुए पेपर बेचने में कथित तौर पर शामिल लोगों से सीधे संपर्क किया. RCC क्लासेस के संस्थापक शिवराज मोटेगांवकर को भी गिरफ्तार किया गया है.

पुणे के सुखसागर नगर में एक ब्यूटी पार्लर चलाने वाली मनीषा वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद दो और आरोपियों मनीषा गुरुनाथ मंधारे (57) और रिटायर्ड टीचर पी.वी. कुलकर्णी को भी गिरफ्तार किया गया था. मनीषा मंधारे NEET-UG 2026 के लिए पेपर बनाने वाले पैनल की एक एक्सपर्ट थीं. CBI ने उन्हें मुख्य आरोपी बनाया है.

CBI ने अदालत को बताया कि मंधारे ने कथित तौर पर पैसों के लिए छात्रों को पेपर लीक किए थे. एजेंसी ने बताया कि NTA की एक्सपर्ट होने के नाते उनकी बॉटनी और जूलॉजी दोनों विषयों के पेपरों तक पूरी पहुंच थी. 

10 लाख का एक पेपर 

सूत्रों ने बताया कि इस मामले में ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे की भूमिका भी अहम है. उसे पता चला था कि मनीषा मंधारे की पेपर तक पहुंच है. इसलिए वाघमारे ने मंधारे के साथ मिलकर प्लान बनाया. आरोप है कि दोनों ने मिलकर कुलकर्णी को भी इस काम में शामिल कर लिया. वाघमारे ने ऐसे छात्रों की तलाश शुरू कर दी, जो यह पेपर खरीद सकें.

सूत्रों ने कहा कि जांच के दौरान यह पाया गया कि वाघमारे कथित तौर पर कई छात्रों के संपर्क में थी. कई छात्र ट्यूशन के लिए टीचर ढूंढ़ने के लिए उनके पास आए थे और उन्होंने हर छात्र से लगभग 10 लाख रुपये का सौदा किया था.

ये भी पढ़ें: ब्यूटीशियन ने NTA एक्सपर्ट के साथ मिलकर किया पेपर लीक... CBI जांच में और परतें खुलीं

‘कई गिरफ्तारियां अभी बाकी’

CBI ने अदालत को बताया कि एक बड़ी साजिश चल रही थी. कई आरोपियों की पहचान होना और उन्हें गिरफ्तार किया जाना अभी बाकी है. 16 मई को सुनवाई के बाद कोर्ट ने कुलकर्णी और वाघमारे को 10 दिन की रिमांड पर भेज दिया. इसके बाद, 17 मई को तीसरी आरोपी मनीषा मंधारे को अदालत ने पूरे 14 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया.

वीडियो: नीट मामले में मास्टरमाइंड को सीबीआई ने गिरफ्तार किया

Advertisement

Advertisement

()