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सपा में शामिल हुए नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बोले- 'मैं नेताजी से हमेशा प्रभावित रहा... '

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया था. अब उन्होंने Akhilesh Yadav की मौजूदगी में Samajwadi Party जॉइन कर ली है.

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अर्पित कटियार
| संतोष शर्मा
15 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 04:04 PM IST)
Naseemuddin Siddiqui
सीनियर नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी (दाएं से तीसरे नंबर पर) ने समाजवादी पार्टी जॉइन कर ली है. (फोटो: ANI)
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उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. सीनियर नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने समाजवादी पार्टी जॉइन कर ली है. हाल ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया था. उनके साथ कई अन्य नेताओं ने भी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली. सिद्दीकी बसपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं और मायावती के करीबी नेताओं में गिने जाते थे. बाद में वे कांग्रेस में शामिल हुए और अब सपा का दामन थाम लिया है.

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के मुख्यालय में नसीमुद्दीन सिद्दीकी के अलावा प्रतापगढ़ सदर से पूर्व विधायक राजकुमार पाल, अनीश अहमद खान, देवरिया के पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा, AIMIM के पूर्व नेता दानिश खान, रंजना पाल, पूनम पाल और अलका समेत कई नेताओं ने सपा की सदस्यता ली.

इस मौके पर नसीमुद्दीन ने कहा, 

मैं हमेशा से नेताजी से प्रभावित रहा हूं. भले किसी पार्टी से जुड़ा रहा. मैं जब भी आपसे (दिवंगत मुलायम सिंह यादव) मिला, मैंने हमेशा कहा कि मैं आपको अपना नेता मानता हूं. सम्मान करता हूं. आज मैं अखिलेश जी का भी आभार और धन्यवाद व्यक्त करता हूं.

ये भी पढ़ें: अखिलेश यादव ने आजम खान को 'सपा की धड़कन' बताया, लेकिन उन्होंने क्या कहा?

कौन हैं नसीमुद्दीन सिद्दीकी?

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सिद्दीकी बसपा सरकार में मंत्री (2007-12) रह चुके हैं और मायावती के करीबी नेताओं में गिने जाते थे. हालांकि, मई 2017 में मायावती के साथ मतभेदों के बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया. इसके बाद सिद्दीकी ने अपनी खुद की पार्टी, नेशनल बहुजन एलायंस बनाई, हालांकि इसे चुनावी सफलता नहीं मिली. 

मायावती के साथ नसीमुद्दीन सिद्दीकी. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)
मायावती के साथ नसीमुद्दीन सिद्दीकी. (फाइल फोटो: इंडिया टुडे)

2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में सिद्दीकी के शामिल होने से सपा के लिए पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का मुद्दा मजबूत होगा. उत्तर प्रदेश की राजनीति में सबसे प्रभावशाली मुस्लिम चेहरों में से एक सिद्दीकी का राजनीतिक प्रभाव बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ माना जाता है.

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