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गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले राजस्थान में मिला 10 हजार किलो विस्फोटक, जांच शुरू

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान सुलेमान खान नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. सुलेमान का आपराधिक इतिहास रहा है. उसके खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं, जिनमें से एक में वो बरी हो चुका है और दो अभी ट्रायल में हैं.

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10,000 kg of explosive material seized from deserted Rajasthan farmhouse on R-Day eve
पूछताछ में सुलेमान ने कबूल किया कि ये विस्फोटक सामग्री अवैध खनन करने वालों को बेची जा रही थी. (फोटो- X)
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प्रशांत सिंह
26 जनवरी 2026 (Published: 07:35 AM IST)
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राजस्थान के नागौर जिले में गणतंत्र दिवस से ठीक एक दिन पहले पुलिस ने एक सुनसान फार्म हाउस से लगभग 10,000 किलोग्राम अवैध विस्फोटक सामग्री जब्त की है. ये विस्फोटक चार अलग-अलग कमरों में छिपाकर रखा गया था ताकि आसानी से इसका पता न चले.

इंडिया टुडे से जुड़ी सोनाली वर्मा की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस की एक टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर ये छापेमारी की थी. टीम में जिला स्पेशल टीम (DST) और थांवला थाना पुलिस शामिल थी. जब्त सामग्री में मुख्य रूप से 187 बोरों में करीब 9,550 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट मिला है. इसके अलावा नौ कार्टून डेटोनेटर, नीले और लाल रंग की डेटोनेटर तारों के कई बंडल, बड़े-छोटे ‘गुल्ला’, ड्यूडेट सामग्री, लकड़ी के कार्टून और APSOD विस्फोटक पदार्थों के पैकेट भी बरामद हुए हैं. बाजार में इस पूरे जखीरे की कीमत कई करोड़ रुपये बताई जा रही है.

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान सुलेमान खान नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. सुलेमान का आपराधिक इतिहास रहा है. उसके खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं, जिनमें से एक में वो बरी हो चुका है और दो अभी ट्रायल में हैं.

प्रारंभिक पूछताछ में सुलेमान ने कबूल किया कि ये विस्फोटक सामग्री अवैध खनन करने वालों को बेची जा रही थी. नागौर के एसपी मृदुल कछावा ने बताया,

"पूछताछ में आरोपी ने माना कि ये सामग्री गैरकानूनी माइनिंग करने वालों के लिए सप्लाई की जा रही थी."

उन्होंने आगे कहा कि यदि अन्य राज्यों से जुड़े नेटवर्क का पता चलता है तो केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल होंगी.

पुलिस ने इस मामले में विस्फोटक अधिनियम 1884, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है.

जांच में लगी टीमें अब पूरी सप्लाई चेन की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं. ये सामग्री कहां से आई, इसे किसने खरीदा और आगे कहां भेजा जाना था. पुलिस ये सब पता लगाने में जुटी है. पुलिस का मानना है कि ये अवैध खनन माफिया का बड़ा नेटवर्क है, जिसे ध्वस्त करने के लिए आगे और छापेमारी की जाएगी.

वीडियो: राजस्थान के टोंक में बरामद हुए 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट के बारे में पुलिस ने क्या बताया?

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