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मीरा रोड पर चाकू मारने के आरोपी जुबैर का ISIS लिंक! आतंकी संगठन के लिए पेंसिल से लिखा था नोट

Mumbai Mira Road Stabbing: आरोपी जैब जुबैर अंसारी ने जांच अधिकारियों को बताया कि उसे लगा था कि हमला करने के बाद उसे मार दिया जाएगा. इसलिए उसने ISIS के प्रति अपनी वफादारी जताते हुए एक नोट छोड़ा था. क्या लिखा था नोट में?

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1 मई 2026 (अपडेटेड: 1 मई 2026, 03:46 PM IST)
Mumbai Mira Road stabbing
इस घटना के आरोपी जैब जुबैर अंसारी (31) से पुलिस पूछताछ कर रही है. (फोटो: इंडिया टुडे)
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मुंबई में दो सिक्योरिटी गार्ड को ‘कलमा नहीं पढ़ पाने' पर चाकू मारने के आरोपी के बारे में कई हैरान करने वाली बातें सामने आ रही हैं. इस घटना में जैब जुबैर अंसारी (31) को अरेस्ट किया गया है और पुलिस पूछताछ कर रही है. अंसारी ने जांच अधिकारियों को बताया कि उसे लगा था कि हमला करने के बाद उसे मार दिया जाएगा. इसलिए उसने ISIS के प्रति अपनी वफादारी जताते हुए एक नोट छोड़ा था. इस नोट में लिखा था, “एक अकेला हमलावर (lone wolf) तुम सब पर हमला करेगा.”

लोन वुल्फ उस व्यक्ति को कहते हैं जो बिना किसी ग्रुप या संगठन के अकेला हमला करता है. इस केस को भी लोन वुल्फ कहा जा रहा है. हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है. 

पुलिस ने क्या बताया?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पेंसिल से लिखा यह नोट आरोपी जुबैर अंसारी की मेज पर रखे लैपटॉप के पास से मिला है. पुलिस को मीरा रोड के एक मॉल में वह दुकान भी मिल गई है, जहां से आरोपी ने अपराध में इस्तेमाल किया गया लगभग नौ इंच लंबा चाकू खरीदा था. स्थानीय पुलिस थाने के जो जवान सबसे पहले उसके घर पहुंचे थे, उन्होंने बताया, 

"नोट को ऐसी जगह रखा गया था जहां से वह आसानी से दिख जाए और उसके दोनों फोन भी फॉर्मेट किए जा चुके थे. इनमें से  सिर्फ एक ही फोन में SIM कार्ड था . घर लौटने के बाद उसने काले रंग का कुर्ता भी पहन लिया था. उसने कहा कि यह रंग  ISIS की विचारधारा और पहचान का प्रतिनिधित्व है."

'लोगों के मन में डर पैदा करना मकसद'

इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्र के हवाले से लिखा, 

"उसने (जुबैर अंसारी) हमें बताया कि उसे घर जिंदा लौटने की कोई उम्मीद नहीं थी. उसे लगा था कि दूसरों पर हमला करने के बाद पुलिस उसे मार डालेगी. हालांकि, वह जिंदा बच गया और पैदल चलकर घर पहुंच गया... इस पूरी घटना का मकसद एक मैसेज देना और लोगों के मन में डर पैदा करना था. जब हम उसके घर पहुंचे, तो उसे जरा भी हैरानी नहीं हुई."

आरोपी के वकील ने क्या कहा?

अंसारी के वकील अब्दुल वहाब खान ने इन दावों को खारिज कर दिया है और इसे साजिश करार दिया है. उन्होंने कहा,

“उसे गिरफ्तार करके पुलिस स्टेशन ले जाया गया और वहीं हिरासत में रखा गया. उसके घर को भी सील नहीं किया गया और वह खुला पड़ा था. ये सारे सबूत मनगढ़ंत हैं. घर को तुरंत सील नहीं किया गया था, इसलिए वहां सबूत के नाम पर कुछ भी अपनी मर्जी से गढ़ा जा सकता था. इन आरोपों को साबित नहीं किया जा सकता.”

आरोपी ने पूछताछ में क्या बताया?

एक अधिकारी ने बताया कि शुरुआती पूछताछ के दौरान अंसारी ने कहा कि वह अकेला रह रहा था और उसे लगता था कि लोग उसके साथ अच्छा बर्ताव नहीं कर रहे हैं. साथ ही उसे किराए पर घर मिलने में भी दिक्कत हो रही थी. सूत्र ने कहा, 

"उसने कई दावे किए... जैसे कि शुरुआत में उसने खुदकुशी करने का प्लान बनाया था. लेकिन हमें उसकी बातों पर भरोसा नहीं है."

अंसारी ने पुलिस को बताया था कि हाल ही में उसका तलाक हुआ है. उसके बैंक खातों के आधार से पता चला है कि पिछले छह महीनों से उसकी कमाई ज्यादा नहीं हो रही थी और उसके पिता ही उसे पैसे भेज रहे थे. सूत्र ने आगे बताया, 

"उसने कहा है कि फिलिस्तीन के हालात और खासकर बच्चों की मौत की वजह से उसके अंदर बहुत गुस्सा था. उसने यह भी दावा किया कि उसने इस मकसद के लिए कुछ दान भी दिया था, जिसकी जांच हम करेंगे." 

पुलिस सूत्रों ने यह भी बताया कि आरोपी ISIS का समर्थन करने वाली वेबसाइटों और यूट्यूब चैनलों को देखता था. अधिकारी ने कहा, 

“पहले भी हमने देखा है कि आतंकी संगठन उन लोगों से संपर्क करते हैं जो उनके कंटेंट से जुड़ते हैं, इसलिए इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि किसी ने उससे संपर्क किया हो.”

‘कलमा नहीं पढ़ा तो चाकू मार दिया’

इंडिया टुडे से जुड़े ऋत्विक भालेकर की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी की पहचान 31 साल के जैब जुबैर अंसारी (Jaib Zubair Ansari) के रूप में हुई है. वह अमेरिका में रहता था और वहीं से उसने पढ़ाई की थी. साल 2019 में भारत लौटा था. यहां आकर उसने एक कोचिंग सेंटर में मैथ्स और केमिस्ट्री पढ़ाना शुरू किया. रविवार वाली घटना के 4-5 महीने पहले उसने पढ़ाना भी छोड़ दिया था.

CM फडणवीस के मुताबिक, अंसारी का परिवार अभी अमेरिका में है. वो अकेले भारत आया था और यहां लौटने के बाद पहले तो वह कुर्ला में रहा. फिर मीरा रोड के नया नगर इलाके में रहने लगा. यहां भी उसे 5 मई तक घर खाली करने को कहा गया था.

ये भी पढ़ें: गार्ड ने कलमा नहीं पढ़ा तो चाकू से गोदा, आरोपी जुबैर इतना कट्टर कैसे बना?

कब हुई घटना?

रविवार, 26 अप्रैल की घटना है. मीरा रोड ईस्ट में एक बिल्डिंग बन रही थी. वहां पर दो चौकीदार राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन तैनात थे. जुबैर अंसारी उनके पास गया और कथित तौर पर पूछा कि उनका धर्म क्या है, क्या वो कलमा पढ़ सकते हैं? राजकुमार और सुब्रतो ने इनकार किया तो आरोपी ने कथित तौर पर उन पर चाकू से हमला कर दिया. इस हमले में राजकुमार मिश्रा को गंभीर चोटें आई हैं. वहीं, सुब्रतो सेन जान बचाकर भागे और एक केबिन में छिप गए. उन्हें मामूली चोटें लगीं.

घटना के बाद पुलिस तुरंत एक्टिव हो गई और आरोपी की तलाश शुरू कर दी. सीसीटीवी फुटेज की मदद से अंसारी का पता चला. घटना के 90 मिनट के भीतर ही उसे उसके नया नगर वाले किराए के मकान से गिरफ्तार कर लिया गया.

मामले में और जांच की गई तो पता चला कि अंसारी लगातार ISIS के ऑनलाइन वीडियो देखता था.  उसके फोन में ऐसे कई वीडियो और डॉक्युमेंट्स मिले हैं जो संदिग्ध हैं. सुरक्षा एजेंसियां ​​उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच कर रही हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि क्या वो किसी कट्टरपंथी संगठन से जुड़ा है या उसने अकेले ही ये काम किया.

वीडियो: मुंबई मीरा रोड गार्ड्स को चाकू मारने से पहले आरोपी जेब क्या बोला था?

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