गार्ड ने कलमा नहीं पढ़ा तो चाकू से गोदा, आरोपी जुबैर इतना कट्टर कैसे बना?
जैब जुबैर अंसारी ने अमेरिका में पढ़ाई की. भारत वापस लौटा. यहां भी एक कोचिंग सेंटर में मैथ्स और केमिस्ट्री पढ़ाई. अब कलमा न पढ़ पाने पर दो चौकीदारों को चाकू मारने के आरोप में जेल में बंद है.

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में दो सिक्योरिटी गार्ड को कथित तौर पर ‘कलमा न पढ़ पाने' के चलते चाकू मार दिया गया. मीरा रोड पर हुई इस घटना के आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया है. उससे पूछताछ की जा रही है. पता लगाया जा रहा है कि क्या वह किसी संगठित गिरोह का हिस्सा है या उसने अकेले ये हमला किया है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का कहना है कि युवक ‘सेल्फ-रेडिकलाइज्ड’ था. यानी सांप्रदायिक किताबों और ऑनलाइन भड़काऊ कॉन्टेंट कन्ज्यूम करते हुए खुद ही कट्टरपंथी बन गया था. एनआईए भी मामले की जांच में जुट गई है.
कलमा नहीं पढ़ा तो चाकू मार दियाइंडिया टुडे से जुड़े ऋत्विक भालेकर की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी की पहचान 31 साल के जैब जुबैर अंसारी (Jaib Zubair Ansari) के रूप में हुई है. वह अमेरिका में रहता था. वहीं पढ़ाई-लिखाई की. साल 2019 में भारत लौटा था. यहां आकर उसने एक कोचिंग सेंटर में मैथ्स और केमिस्ट्री पढ़ाना शुरू किया. रविवार वाली घटना के 4-5 महीने पहले उसने पढ़ाना भी छोड़ दिया था.
CM फडणवीस के मुताबिक, अंसारी का परिवार अभी अमेरिका में है. वो अकेले भारत आया था और यहां लौटने के बाद पहले तो वह कुर्ला में रहा. फिर मीरा रोड के नया नगर इलाके में रहने लगा. यहां भी उसे 5 मई तक घर खाली करने को कहा गया था.
कब हुई घटना?
रविवार, 26 अप्रैल की घटना है. मीरा रोड ईस्ट में एक बिल्डिंग बन रही थी. वहां पर दो चौकीदार राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन तैनात थे. जुबैर अंसारी उनके पास गया और कथित तौर पर पूछा कि उनका धर्म क्या है, क्या वो कलमा पढ़ सकते हैं. राजकुमार और सुब्रतो ने इनकार किया तो आरोपी ने कथित तौर पर उन पर चाकू से हमला कर दिया. इस हमले में राजकुमार मिश्रा को गंभीर चोटें आई हैं. वहीं, सुब्रतो सेन जान बचाकर भागे और एक केबिन में छिप गए. उन्हें मामूली चोटें लगीं.
घटना के बाद पुलिस तुरंत एक्टिव हो गई और आरोपी की तलाश शुरू कर दी. सीसीटीवी फुटेज की मदद से अंसारी का पता चला. घटना के 90 मिनट के भीतर ही उसे उसके नया नगर वाले किराए के मकान से गिरफ्तार कर लिया गया.
मामले में और जांच की गई तो पता चला कि अंसारी लगातार ISIS (Islamic State of Iraq and Syria) के ऑनलाइन वीडियो देखता था. वो उनके दुष्प्रचार के प्रभाव में था. उसके फोन में ऐसे कई वीडियो और डॉक्युमेंट्स मिले हैं जो संदिग्ध हैं. सुरक्षा एजेंसियां उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच कर रही हैं, ताकि पता लगाया जा सके कि क्या वो किसी कट्टरपंथी संगठन से जुड़ा है या उसने अकेले ये काम किया.
फडणवीस क्या बोले?हालांकि, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इसमें काफी कुछ साफ कर दिया है. उन्होंने कहा कि आरोपी अंसारी सेल्फ रेडिकलाइज्ड था. यानी किताबों, साहित्य और इंटरनेट के जरिए उसने खुद को कट्टरपंथी बना लिया था. उन्होंने आगे बताया कि आरोपी ने ‘जिहादी मकसद’ से काम किया और दूसरे धर्म के लोगों को निशाना बनाया. जांच करने वाली टीम इस घटना के पीछे के नेटवर्क की जांच कर रही है. जांच से पता चलेगा कि आरोपी के साथ कौन-कौन हैं? उनसे इसके क्या संबंध हैं और क्या कोई और भी उसकी टीम में शामिल है?
फडणवीस ने यह भी बताया कि आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) भी इस जांच में शामिल हो गया है.
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