'मैं भी मोहम्मद दीपक', रूद्रपुर तक फैला कोटद्वार का विवाद, हिंदू संगठनों ने किया हंगामा
Mohammad Deepak Row: कोटद्वार में भी देहरादून से बड़ी संख्या में बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता पहुंचे हैं. कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला और दीपक के जिम के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया. इस दौरान सड़कों पर भीड़ जुटी रही और भारी जाम लगा रहा.

उत्तराखंड के कोटद्वार से 'मोहम्मद दीपक' पर शुरू हुआ विवाद अब दूसरे शहरों में भी फैलने लगा है. कोटद्वार के जिम संचालक दीपक के समर्थन में लोग सोशल मीडिया 'मैं भी मोहम्मद दीपक' लिखकर पोस्ट कर रहे हैं. उधम सिंह नगर के रुद्रपुर के एक जिम संचालक ने भी कुछ ऐसा ही किया, जिस पर अब विवाद खड़ा हो गया है.
आजतक से जुड़े रमेश चन्द्रा की रिपोर्ट के मुताबिक रुद्रपुर के जिम संचालक मोहित चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर 'मैं भी मोहम्मद दीपक' लिखकर एक विवादित कमेंट पोस्ट किया. उनके इस कमेंट पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जताया. कार्यकर्ताओं ने मोहित के जिम के बाहर जुटकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया.
मुकदमा दर्ज करने की मांगइसके बाद पुलिस को मोहित के खिलाफ शिकायत सौंपी गई और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई. इस घटना के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक मोहित चोपड़ा ने दीपक के समर्थन में कमेंट करते हुए 3 फरवरी को कोटद्वार जाने का ऐलान किया था. हिंदू संगठनों के नेता इससे भड़क गए. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने मोहित के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया तो वो खुद मोहित से 'निपटेंगे'. फिलहाल पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है.
इधर कोटद्वार में भी इस मुद्दे पर विवाद गहराता जा रहा है. जानकारी के मुताबिक देहरादून से बड़ी संख्या में बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता कोटद्वार पहुंचे. कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला और दीपक के जिम के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया. इस दौरान सड़कों पर भीड़ जुटी रही और भारी जाम लगा रहा. पुलिस को भीड़ को हटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी.
क्या है पूरा विवाद?मालूम हो कि पूरा विवाद 26 जनवरी की एक घटना से जुड़ा हुआ है. उत्तराखंड के कोटद्वार में एक मुस्लिम शख्स की दुकान का नाम बदलने को लेकर बजरंग दल के लोगों ने बवाल कर दिया. पटेल मार्ग पर मौजूद दुकान के नाम में ‘बाबा’ लगा है. हिंदुत्ववादी संगठन के लोग इसे ही बदलने के लिए कह रहे थे.
एक वायरल वीडियो में कार्यकर्ता बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार से उलझते दिखाई दे रहे हैं. फिर एक शख्स जो अपना नाम वीडियो में ‘मोहम्मद दीपक’ बताते हैं, वो बजरंग दल के लोगों का विरोध करते हैं. दोनों पक्षों में कहासुनी होती है. बाद में दीपक और उनके साथी मिलकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को वहां से धक्के मारकर भगा देते हैं.
इसके बाद 31 जनवरी को बजरंग दल के कार्यकर्ता दीपक कुमार के विरोध में देहरादून से कोटद्वार पहुंच गए. बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कोटद्वार के मालवीय उद्यान में जमकर हंगामा काटा. हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस को बीच में आना पड़ा. बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कोटद्वार शहर में एक जुलूस भी निकाला. उन्होंने दीपक कुमार और उनके साथी विजय रावत के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया.
दीपक के खिलाफ FIRबजरंग दल वालों ने दीपक की जिम के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया. सुरक्षा हालात को देखते हुए पुलिस ने दीपक कुमार और विजय रावत को कोतवाली ले जाकर बैठा दिया. काफी देर तक पुलिस बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को समझाती रही, लेकिन वे नहीं माने. इसके बाद पुलिस ने दीपक कुमार के खिलाफ FIR भी दर्ज की थी. पुलिस ने बताया था कि दीपक और उनके साथियों के खिलाफ गाली-गलौज करते हुए जाति-सूचक शब्दों का प्रयोग करने और जान से मारने की नीयत से हमला करने के संबंध में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं.
पूरे मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने दीपक की तारीफ करते हुए एक्स पर लिखा था कि दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं. वहीं पूरे विवाद पर बात करते हुए दीपक कुमार ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया,
मैं और मेरे दोस्त रिपब्लिक डे मना रहे थे, तभी हम अपने एक दोस्त की दुकान पर गए. कुछ लड़के दुकान पर आए और दुकान के नाम को लेकर दुकानदार से बदतमीज़ी करने लगे. मैंने उनसे बदतमीज़ी बंद करने को कहा, लेकिन उन्होंने जवाब दिया कि उनके धर्म में "बाबा" शब्द सिर्फ़ सिद्धबली बाबा के लिए इस्तेमाल होता है, किसी और के लिए नहीं, और दुकानदार को दुकान का नाम बदलना होगा. दुकानदार ने मना कर दिया, और बात हिंदू-मुस्लिम मुद्दे में बदल गई. वे लड़के बजरंग दल के थे, और दुकान एक मुस्लिम की थी. तो मैंने कहा, "मेरा नाम मोहम्मद दीपक है, तुम्हें क्या लेना-देना?...".
यह भी पढ़ें- मुस्लिम दुकानदार को बचाने वाले दीपक कुमार और बजरंग दल के बीच भारी बवाल
दीपक आगे कहते हैं कि उन्हें समझ नहीं आया कि उनके खिलाफ केस क्यों दर्ज किया गया. उनका कहना है कि पूरी लड़ाई दूसरी तरफ से शुरू हुई थी. उन्होंने कहा है कि वह किसी पॉलिटिकल पार्टी को सपोर्ट नहीं करते, बल्कि एक विचारधारा को मानते हैं. उनका कहना है कि बजरंग बली हर जिम मेंबर के लिए एक आदर्श हैं, क्योंकि वह कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करते हैं.
वीडियो: मुस्लिम दुकान के बाहर 'बाबा' लिखा देख भड़के बजरंग दल के कार्यकर्ता, वीडियो वायरल

.webp?width=60)

