एग्जाम में सवाल में ‘Ramu’ की जगह ‘Ram’ लिखा, VHP और बजरंग दल का बवाल, टीचर सस्पेंड
हेडमिस्ट्रेस ने बताया कि उनका इरादा “Ramu” लिखने का था, लेकिन गलती से 'u' नहीं जुड़ पाया. एग्जाम पिछले हफ्ते आयोजित किया गया था. जैसे ही ये प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल जैसे दक्षिणपंथी संगठनों ने इसे भगवान राम के अपमान के रूप में देखा.

छत्तीसगढ़ में एक सरकारी स्कूल के एग्जाम में विवादित सवाल को लेकर बवाल खड़ा हो गया. जिसको लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद मामले में कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने स्कूल की हेडमिस्ट्रेस को सस्पेंड कर दिया है. और मामले की जांच के आदेश दिए हैं.
मामला रायपुर जिले के तिल्दा ब्लॉक के नकटी गांव स्थित सरकारी प्राथमिक स्कूल का है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि स्कूल की कक्षा 4 में अंग्रेजी का प्रश्नपत्र तैयार किया गया था. इसमें एक सवाल था: “मोना के कुत्ते का नाम क्या है?” इस मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन के जवाबों में एक ऑप्शन दिया गया था, “Ram”. इसको लेकर बवाल खड़ा हो गया.
जब मामला सामने आया तो स्कूल की हेडमिस्ट्रेस ने बताया कि उनका इरादा “Ramu” लिखने का था, लेकिन गलती से 'u' नहीं जुड़ पाया. एग्जाम पिछले हफ्ते आयोजित किया गया था. जैसे ही ये प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल जैसे दक्षिणपंथी संगठनों ने इसे भगवान राम के अपमान के रूप में देखा. उन्होंने महासमुंद के DM और SP को लिखित शिकायत दी और कार्रवाई की मांग की.
SP प्रभात कुमार ने बताया कि पिछले हफ्ते ही अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ये केस भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 (किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने वाला कृत्य) के तहत दर्ज किया गया है, जो गैर-जमानती धारा है.
जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीया ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है. इसके लिए एक 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसने शिकायत की जांच शुरू कर दी है. शिक्षा अधिकारी ने कहा,
“राम हिंदू धर्म के पूजनीय देवता हैं, और उत्तर के विकल्प में ‘राम’ को शामिल करने से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं.”
जांच में पता चला कि ये प्रश्न पत्र रायपुर जिले के तिल्दा ब्लॉक के नकटी स्थित एक सरकारी प्राथमिक स्कूल की हेडमिस्ट्रेस ने तैयार किया था. उन्हें शनिवार, 10 जनवरी को निलंबित कर दिया गया. जिला शिक्षा अधिकारी ने तिल्दा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को भी चेतावनी जारी की है. साथ ही स्कूल के प्रिंसिपल को भी चेतावनी लेटर दिया गया है, क्योंकि उन्होंने कथित रूप से सही मॉडरेटर का चयन नहीं किया.
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