CISF में बनेंगी दो नई बटालियन, 2000 सैनिकों को भर्ती किया जाएगा
गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद दो बटालियनों को जोड़ने की अनुमति मिली है. जिनमें से प्रत्येक में अलग-अलग रैंकों के 1,025 कर्मी होंगे. इन अतिरिक्त बटालियनों के जुड़ने से CISF में कुल बटालियनों की संख्या 13 से 15 हो जाएगी.

सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स यानी CISF में दो नई बटालियन बनाई जाएंगी. गृह मंत्रालय (MHA) ने इसके लिए मंजूरी दे दी है. नई बटालियन बनने के बाद CISF में 2,000 सैनिकों को शामिल किया जा सकेगा, जिससे फोर्स की कुल संख्या 2 लाख हो जाएगी. हाल ही में स्वीकृत की गई महिला बटालियन के साथ इस विस्तार का उद्देश्य नेशनल सिक्योरिटी को मजबूत करना और रैपिड रिस्पॉन्स में सुधार करना है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंत्रालय के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया,
प्रवक्ता ने जानकारी दी कि प्रत्येक नई बटालियन का नेतृत्व एक वरिष्ठ कमांडेंट स्तर का अधिकारी करेगा. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक प्रवक्ता ने बताया,
CISF के अनुसार इस विस्तार से फोर्स की इमरजेंसी रिस्पॉन्स क्षमताओं में वृद्धि होगी. दो नई रिजर्व बटालियन और सभी महिला यूनिट को जमीन पर तैनात होने में कम से कम एक साल का समय लगेगा.
CISF भारत के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक है, जिसकी स्थापना सीआईएसएफ अधिनियम, 1968 के तहत की गई थी. शुरुआत में इसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) को सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया था. ये फोर्स प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों, सरकारी इमारतों, परमाणु और अंतरिक्ष प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और ताजमहल सहित कई ऐतिहासिक स्मारकों की सुरक्षा करती है. इसके अलावा CISF पब्लिक और प्राइवेट क्षेत्र के कई संगठनों को सुरक्षा प्रबंधन में परामर्श सेवाएं भी प्रदान करती है.
वीडियो: कंगना रनौत को थप्पड़ मारने पर सस्पेंड हुई थी, CISF जवान का बेंगलुरु ट्रांसफर हो गया?

.webp?width=60)

