'भारत में भी 2024 में सत्ताधारी पार्टी हारी थी... ' जुकरबर्ग के इस बयान पर अब मेटा की सफाई आई
BJP सांसद निशिकांत दुबे ने बताया कि मेटा इंडिया के अधिकारी ने गलतियों के लिए क्षमा मांगी है. दरअसल, मार्क जुकरबर्ग ने एक पोडकास्ट के दौरान भारत को लेकर गलत बयान दिया था. क्या बोला था मेटा के मुखिया ने? और अब सफाई में क्या कहा है?

अंतर्राष्ट्रीय टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म META ने अपने सीईओ मार्क जुकरबर्ग की टिप्पणी पर मचे बवाल के बाद माफी मांग ली है. BJP सांसद निशिकांत दुबे ने बताया कि मेटा इंडिया के अधिकारी ने गलतियों के लिए क्षमा मांगी है. मार्क जुकरबर्ग ने एक पॉडकास्ट में कहा था कि कोविड-19 महामारी के बाद भारत समेत दुनिया के कई देशों में चुनाव हुए और कई सरकारें हारी हैं, जिनमें भारत भी शामिल है. जुकरबर्ग की इस टिप्पणी को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.
‘गलती से मिस्टेक’इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट और पब्लिक पॉलिसी के हेड शिवनाथ ठुकराल ने गलती स्वीकार कर ली है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. इसमें उन्होंने लिखा,
शिवनाथ के पोस्ट को शेयर करते हुए आईटी और कम्यूनिकेशन मामलों के संसदीय समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने 15 जनवरी को एक पोस्ट किया. इसमें उन्होंने लिखा,
“भारतीय संसद व सरकार को 140 करोड़ लोगों का आशीर्वाद व जन विश्वास प्राप्त है. मेटा (मेटा इंडिया) के अधिकारी ने आखिर अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगी है. यह जीत भारत के आम नागरिकों की है. नरेंद्र मोदी को जनता ने तीसरी बार प्रधानमंत्री बना कर दुनिया के सामने देश के सबसे मजबूत नेतृत्व से परिचय करवाया है. अब इस मुद्दे पर हमारी समिति का दायित्व खत्म होता है, अन्य विषयों पर हम इन सोशल प्लेटफॉर्म को भविष्य में बुलाएंगे, क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो.”
इससे पहले 14 जनवरी को निशिकांत दुबे ने कहा था कि संसद की संचार और सूचना प्रौद्योगिकी समिति इस मामले में मेटा को तलब करेगी.
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जुकरबर्ग ने कहा क्या था?दरअसल, मार्क जुकरबर्ग ने अमेरिका के प्रसिद्ध पोडकास्टर जो रोगन के साथ एक बातचीत में हिस्सा लिया था. 10 जनवरी को इस बातचीत का वीडियो जो रोगन के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया. इसमें जुकरबर्ग ने 2024 में हुए चुनावों को लेकर टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था,
जुकरबर्ग ने कहा था कि सरकारों की हार दिखाती है कि कोविड-19 के बाद लोगों का भरोसा कम हुआ है.
असल बात ये है कि भारत में 2024 के लोकसभा चुनावों में NDA सरकार ने एक बार फिर से सत्ता में वापसी की थी. जुकरबर्ग के इस बयान की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. मंत्री से लेकर आम लोगों तक ने उनके बयान की आलोचना की.
केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने जुकरबर्ग के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था. उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि जुकरबर्ग की तरफ से गलत जानकारी शेयर किया जाना निराशाजनक है.
वीडियो: मार्क जकरबर्ग ने लोकसभा चुनाव पर ऐसा दावा किया कि अश्विनी वैष्णव नाराज हो गए

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