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बांके बिहारी मंदिर में रेलिंग का ठेका मुस्लिम को देने पर बवाल, CM योगी को लिखा पत्र, ADM ने दी सफाई

आरोप है कि Banke Bihari Temple में स्टील की रेलिंग लगाने का ठेका एक मुस्लिम ठेकेदार को दे दिया गया. जब ये बात सामने आई तो कुछ लोगों ने इसका विरोध किया. अब इस मामले में ADM की प्रतिक्रिया आई है.

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mathura Banke Bihari temple controversy railing contract to Muslim cm yogi
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी. (फोटो: X)
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मदन गोपाल शर्मा
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3 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 01:27 PM IST)
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उत्तर प्रदेश में वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर इन दिनों चर्चा में है. आरोप है कि मंदिर में स्टील की रेलिंग लगाने का ठेका एक मुस्लिम ठेकेदार को दे दिया गया. जब ये बात सामने आई तो कुछ लोगों ने इसका विरोध किया. अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है और ठेका निरस्त करने की मांग की है.

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक,  करीब 21 हजार किलो स्टील से बनने वाली रेलिंग का ठेका मेरठ की कनिका कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था. आरोप लगाया गया कि इस कंपनी में सलीम अहमद नामक व्यक्ति पार्टनर हैं. इसी आधार पर हिंदू संगठनों और मंदिर से जुड़े साधु-संतों ने इसका विरोध शुरू कर दिया.

श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में आरोप लगाया,

जहां बांके बिहारी विराजमान हों, उस स्थान पर गोमांस खाने वाले, सनातन धर्म के विरोधी आएंगे तो ब्रज वासियों को सहन नहीं होगा, हमारे कृष्ण कन्हैया भी नाराज हो जाएंगे.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये लोग सनातन धर्म के विरोधी हैं, हिंदुओं को काफिर कहते हैं, ऐसे लोगों को मंदिर प्रांगण से 1 किलोमीटर तक घुसने नहीं दिया जाएगा. पत्र में उन्होंने लिखा,

हमारे सनातनियों में स्टील रेलिंग लगाने के लिए हजारों ठेकेदार हैं , तो फिर हिंदुओं पर अत्याचार करने वाले और मथुरा, काशी, अयोध्या को तोड़कर वहां नमाज अदा करने वाले मुगलों के वंशजों को यह ठेका क्यों दिया गया है. इस पूरे प्रकरण की जांच कर पहचान छिपाकर कनिका कंस्ट्रक्शन के मालिक सलीम अहमद का ठेका निरस्त करके, किसी सनातनी भाई को ये ठेका मिलना चाहिए.

इसको लेकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी का एक बयान भी आया है.

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ADM ने क्या कहा?

जिला प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ADM फाइनेंस पंकज वर्मा ने स्पष्ट किया कि बांके बिहारी मंदिर की धनराशि जिन बैंकों में जमा होती है, उन्हीं बैंकों द्वारा CSR फंड के तहत रेलिंग लगाए जाने का प्रस्ताव रखा गया था. कोटेशन प्रक्रिया के बाद कनिका कंस्ट्रक्शन संस्था को कार्य सौंपा गया.

ADM पंकज वर्मा के मुताबिक, “कनिका कंस्ट्रक्शन संस्था रंजन नामक व्यक्ति द्वारा संचालित की जाती है. उनके मैनेजर रुपेश शर्मा मंदिर में रेलिंग लगाने का काम कर रहे हैं और काम लगभग पूरा भी हो चुका है.” 

प्रशासन का कहना है कि ठेके में किसी प्रकार की पहचान छिपाने या नियमों के उल्लंघन का सवाल ही नहीं उठता. प्रशासन ने साफ कर दिया दिनेश फलाहारी के आरोप निराधार हैं. 

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