माओवादियों ने अमित शाह से लगाई गुहार, "15 फरवरी तक सुरक्षाबलों को रोक दे सरकार ..."
Maoists ask Amit Shah for time: माओवादियों ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों से अपने-अपने राज्यों में तलाशी अभियान बंद करने को कहा है, ताकि उनके सदस्य बिना किसी झगड़े या हिंसा के आत्मसमर्पण कर सकें.

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों से पत्र लिखकर अपील की है कि 15 फरवरी, 2026 तक कार्रवाई रोक दी जाए, ताकि उनके सदस्य बिना किसी झगड़े या हिंसा के आत्मसमर्पण कर सकें. पत्र में लिखा गया कि सामूहिक रूप से इस फैसले पर पहुंचने में कुछ वक्त लगेगा.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, माओवादियों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस , छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से अपने-अपने राज्यों में तलाशी अभियान बंद करने को कहा है. उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि अगर सुरक्षा बलों के तलाशी अभियान रोक दिए जाएं, तो उनके सदस्यों का आत्मसमर्पण संभव हो सकेगा.
विशेष क्षेत्रीय समिति के प्रवक्ता अनंत के हस्ताक्षर वाला यह पत्र 22 नवंबर को जारी किया गया और 24 नवंबर को सार्वजनिक हुआ. पत्र में अनंत ने कथित तौर पर लिखा,
अनंत का इशारा मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू की तरफ था. जिन्होंने अक्टूबर में फडणवीस सरकार के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था. इसके बाद छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और तेलंगाना के माओवादी संगठनों के भीतर से आत्मसमर्पण का सिलसिला शुरू हो गया. पिछले हफ़्ते, आंध्र प्रदेश में एक मुठभेड़ में शीर्ष नक्सली नेता माड़वी हिड़मा को मारा गया.
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पत्र में कथित तौर पर आगे लिखा गया,
पत्र में सरकार से एमएमसी के फैसले को ऑल इंडिया रेडियो पर प्रसारित करने की भी अपील की गई. पत्र में कहा गया है, “हमारे साथियों के लिए देश-दुनिया की रोजाना खबरें जानने का यही सबसे अच्छा तरीका है... हमारे पास कम्युनिकेशन का कोई और जरिया नहीं है.” बताते चलें कि गृह मंत्री अमित शाह ने देश से नक्सलवाद को खत्म करने के लिए 31 मार्च, 2026 तक की समय सीमा तय की है.
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