प्रेमिका की हत्या कर शव के पास सो गया आरोपी, सुबह ऐसे खुला मामला
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में शुरुआत में कहा कि उसे नशे की वजह से रात का कुछ याद नहीं. लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने उसके सभी दावों को झुठला दिया.

गाजियाबाद के पटेल नगर स्थित होटल न्यू रॉयल किंग में एक मजदूर ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर दी. हत्या के बाद वो पूरी रात उसके शव के बगल में सोता रहा. मामला सामने आया तो पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया. गाजियाबाद पुलिस हत्या के पीछे के कारणों की जांच में जुटी है.
इंडिया टुडे से जुड़े मयंक गौड़ की रिपोर्ट के मुताबिक 34 वर्षीय मजदूर प्रवीण कुमार ने अपनी प्रेमिका आरती की हत्या कर दी. प्रवीण नंदग्राम के सेवा नगर का रहने वाला है. शनिवार, 10 जनवरी की शाम करीब 10 बजे दोनों ने होटल में कमरा नंबर 207 में चेक-इन किया. उन्होंने कमरे में शराब पी और खाना खाया. नशे की हालत में किसी बात पर झगड़ा शुरू हो गया. प्रवीण को शक हुआ कि आरती किसी दूसरे व्यक्ति से संपर्क में हैं. बात बढ़ी तो आरती ने गुस्से में प्रवीण को थप्पड़ मार दिया. इससे आगबबूला होकर प्रवीण ने उसे मुक्कों और कोहनियों से जमकर पीटा. आरती ने बचाव में उसके चेहरे पर नाखूनों से खरोंच मार दी, जिससे प्रवीण और ज्यादा भड़क गया.
कई हमले किएप्रवीण ने आरती की दोनों पसलियों पर बार-बार मुक्के और कोहनी से प्रहार किए. उसने इतनी बुरी तरह से मारा कि आरती बेहोश होकर बिस्तर पर गिर पड़ी. प्रवीण ने उन्हें हिलाकर जगाने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बावजूद उसने पुलिस या किसी को सूचना नहीं दी. वह उसी बिस्तर पर आरती के शव के बगल में सो गया.
रविवार, 11 जनवरी की सुबह करीब 7 बजे प्रवीण जागा. उसने फिर आरती को जगाने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं उठी. वो अपना बैग उठाकर होटल से चुपके से निकलने लगा. होटल स्टाफ ने गेट पर रोक लिया. प्रवीण ने कहा कि साथी बीमार है, दवा लेने जा रहा हूं. स्टाफ ने कमरे की जांच की तो महिला मृत पड़ी थी. उन्होंने प्रवीण को पुलिस बुलाने को कहा. प्रवीण ने इमरजेंसी हेल्पलाइन 112 पर कॉल किया और कहा कि साथी बीमार है.
पोस्टमॉर्टम में चौंकाने वाले खुलासेजब पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे में आरती का शव मिला. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया. रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए. एक से ज्यादा पसलियां टूटी हुईं थीं. फेफड़े और लीवर फट गए, छाती और पेट में इंटरनल ब्लीडिंग हुई थी. मौत का कारण सदमा (शॉक) और एंटी-मॉर्टम चोटों से ब्लीडिंग बताया गया. चोटों की गंभीरता से साफ था कि ये क्रूर शारीरिक हमला था. शरीर पर बाहर से ज्यादा निशान नहीं थे, लेकिन अंदरूनी क्षति बहुत गंभीर थी.
पुलिस ने प्रवीण को हिरासत में लेकर मामले की पूछताछ की. उसने शुरुआत में कहा कि नशे में रात की कोई याद नहीं, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने उसके दावे को झुठला दिया. पुलिस ने बीएनएस की धारा 103 (हत्या) के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. होटल से सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक सबूत जब्त किए गए हैं. मामले की जांच जारी है.
जानकारी के मुताबिक आरती एक विधवा महिला थी. वो अपने 16 साल के बेटे दक्ष्या के साथ गाजियाबाद में रहती थी. प्रवीण और आरती का रिश्ता करीब डेढ़ साल पुराना था. दोनों एक-दूसरे को 2022 से जानते थे. प्रवीण, आरती के दिवंगत पति रोहित कुमार का दोस्त होने के नाते परिवार से भी परिचित था.
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