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महाराष्ट्र में बीजेपी-कांग्रेस साथ आए, चुनाव में शिंदे की शिवसेना को हरा दिया

Maharashtra Local Body Elections: गठबंधन के कुल 32 पार्षदों (बीजेपी 16 + कांग्रेस 12 + एनसीपी 4) का समर्थन होने से स्पष्ट बहुमत हासिल हुआ. गठबंधन की बदौलत बीजेपी की प्रत्याशी तेजश्री करंजुले ने नगराध्यक्ष पद जीत लिया.

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Maharashtra’s Ambernath Municipal Council A BJP-Congress alliance Yes, the unthinkable has actually happened
अकेले बीजेपी के पास बहुमत नहीं था, इसलिए नगराध्यक्ष (मेयर) पद के लिए स्थानीय स्तर पर उन्होंने कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन किया. (फोटो- PTI)
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प्रशांत सिंह
7 जनवरी 2026 (Published: 12:18 PM IST)
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महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ नगर परिषद में एक अनोखा और चौंकाने वाला राजनीतिक गठबंधन देखने को मिला है. यहां बीजेपी और कांग्रेस ने साथ आकर सत्ता पर कब्जा कर लिया, और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को पूरी तरह बाहर कर दिया. राज्य की राजनीति में इस घटनाक्रम की खूब चर्चा है, क्योंकि बीजेपी और शिवसेना राज्य स्तर पर महायुति गठबंधन के सहयोगी हैं.

इंडिया टुडे से जुड़े प्रतीक चक्रवर्ती की रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में हुए नगर परिषद चुनावों में बीजेपी को 16 सीटें, कांग्रेस को 12 सीटें और अजित पवार गुट की एनसीपी को 4 सीटें मिलीं. कुछ निर्दलीय भी जीते. अकेले बीजेपी के पास बहुमत नहीं था, इसलिए नगराध्यक्ष (मेयर) पद के लिए स्थानीय स्तर पर उन्होंने कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन किया.

इस गठबंधन के कुल 32 पार्षदों (बीजेपी 16 + कांग्रेस 12 + एनसीपी 4) का समर्थन होने से स्पष्ट बहुमत हासिल हुआ. गठबंधन की बदौलत बीजेपी की प्रत्याशी तेजश्री करंजुले ने नगराध्यक्ष पद जीत लिया. इससे शिवसेना का शासन समाप्त हो गया, जो पिछले कई वर्षों से अंबरनाथ पर काबिज था.

शिवसेना में इस पर तीखी नाराजगी है. शिंदे गुट के विधायक बालाजी किनिकर ने इसे ‘अपवित्र गठबंधन’ (unholy alliance) करार दिया. उन्होंने कहा,

"जो पार्टी कांग्रेस मुक्त भारत की बात करती है, वही आज कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता चला रही है. ये शिवसेना के साथ विश्वासघात है."

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गठबंधन के कुल 32 पार्षदों (बीजेपी 16 + कांग्रेस 12 + एनसीपी 4) का समर्थन होने से स्पष्ट बहुमत हासिल हुआ.

दूसरी ओर, बीजेपी के उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने जवाब दिया कि शिवसेना के साथ गठबंधन करना ही पाप होता. क्योंकि पिछले 25 वर्षों से शिवसेना पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि महायुति के साथ गठबंधन की कोशिश की गई थी, लेकिन शिंदे गुट से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला.

अंबरनाथ नगर परिषद में भाजपा-कांग्रेस ने गठबंधन तत्कालीन सत्ता संघर्ष को तो सुलझा लिया है. लेकिन इसने महाराष्ट्र की बड़ी राजनीति में नए तनाव पैदा कर दिए हैं. लोगों में इस बात पर लगातार बहस और अटकलें चल रही हैं कि ये गठबंधन राजनीतिक मजबूरी है या फिर एक विवादास्पद समझौता. अंबरनाथ कांग्रेस के शहर अध्यक्ष प्रदीप पाटिल से इस बारे में बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.

कई लोग इसे राजनीतिक मजबूरी मान रहे हैं, तो कुछ इसे विवादास्पद समझौता कह रहे हैं. कांग्रेस की ओर से अभी इस मामले में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है.

वीडियो: महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के पहले बीजेपी ने अकेले कितनी सीटें हासिल की?

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