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TET पास करना इन सबके लिए जरूरी... इन टीचर्स के लिए भी बड़ा आदेश आ गया

राज्य सरकार के इस आदेश पर टीचरों का कहना है कि महाराष्ट्र में TET 2013 से पहले लागू ही नहीं था. ऐसे में 2013 से पहले नियुक्त हजारों शिक्षकों के लिए इतनी कम अवधि में TET पास करना बेहद मुश्किल होगा.

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Maharashtra tribal development dept Ashram school teachers with more than 5 yrs to retire should pass TET within 2 years
इस फैसले ने टीचरों में बीच काफी चिंता खड़ी कर दी है. (सांकेतिक फोटो- PTI)
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प्रशांत सिंह
2 जनवरी 2026 (Published: 07:54 AM IST)
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महाराष्ट्र के जनजातीय विकास विभाग ने एक महत्वपूर्ण सरकारी आदेश (GR) जारी किया है. इसके तहत आश्रम स्कूलों (जनजातीय बच्चों के लिए आवासीय स्कूल) में कार्यरत टीचरों के लिए नया नियम बनाया गया है. नियम के अनुसार, जो टीचर 2009 में बच्चों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) लागू होने से पहले नियुक्त हुए थे और जिनके रिटायरमेंट में अभी 5 साल से अधिक समय बचा है, उन्हें दो साल के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी होगी. यानी 1 सितंबर 2027 तक ये परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा. यदि कोई भी टीचर ये एग्जाम पास नहीं कर पाता, तो उसकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी.

इंडियन एक्सप्रेस से जुड़ी पल्लवी स्मार्ट की रिपोर्ट के अनुसार ये नियम विभाग के अधीन आने वाले सरकारी सहायता प्राप्त आश्रम स्कूलों पर लागू होता है. इन स्कूलों की संख्या राज्य में लगभग 480 है. जिन टीचरों के रिटायरमेंट में 5 साल से कम समय बचा है, उन्हें इस नियम से छूट दी गई है. बशर्ते वो किसी प्रमोशन की मांग न कर रहे हों.

ये आदेश सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2025 के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि क्लास 1 से 8 तक के सभी टीचरों को TET क्वालीफाइड होना जरूरी है. कोर्ट ने ये भी कहा कि ये नियम केवल नए टीचरों पर ही नहीं, बल्कि सेवा में पहले से कार्यरत शिक्षकों पर भी पूर्वव्यापी (retrospective) रूप से लागू होगा. महाराष्ट्र में ये किसी भी विभाग द्वारा कोर्ट के फैसले के बाद जारी किया गया पहला ऐसा आदेश है.

इस फैसले ने टीचरों में बीच काफी चिंता खड़ी कर दी है. टीचरों का कहना है कि महाराष्ट्र में TET 2013 से पहले लागू ही नहीं था. ऐसे में 2013 से पहले नियुक्त हजारों शिक्षकों के लिए दो साल की इतनी कम अवधि में TET पास करना बेहद मुश्किल होगा. महाराष्ट्र स्कूल प्रिंसिपल्स एसोसिएशन के महेंद्र गणपुले ने कहा,

“सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार ने TET के पूर्वव्यापी लागू करने पर तीन महीने से अधिक समय तक अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की. स्कूल शिक्षा विभाग ने तो अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान भी नहीं दिया. लेकिन जनजातीय विकास विभाग का ये संकल्प स्पष्ट संकेत देता है कि राज्य TET को पूर्वव्यापी रूप से लागू करने जा रहा है. इससे पूरे राज्य के शिक्षकों में भ्रम और नौकरी जाने की आशंका बढ़ गई है.”

अब इस फैसले पर राज्य सरकार क्या करती है, ये आने वाले समय में देखने को मिलेगा. फिलहाल, राज्य के टीचर्स अनिश्चितता में हैं.

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