'हर महीने लाडली बहनों के खाते में 1500, लेकिन हाजिरी लगानी पड़ेगी' मंत्री ने क्या कह दिया?
Ladli Behna Yojana Row: मध्य प्रदेश के रेवेन्यू मिनिस्टर ने कहा कि 'लाडली बहना' योजना के लाभार्थियों को कार्यक्रम में आना होगा वरना लिस्ट से उनका नाम काट दिया जाएगा. इस विवादित बयान के बाद विपक्ष ने उन्हें घेरे में लिया और सार्वजनिक माफ़ी की मांग की है.

मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री (रेवेन्यू मिनिस्टर) करण सिंह वर्मा का इंटरनेट पर एक वीडियो वायरल है. वायरल होने की वजह है वीडियो में बोली गई बातें. ‘एक दिन तय करो, सभी लाडली बहनों को बुलाओ… जो नहीं आएं, उनका नाम लिस्ट से काटकर रिपोर्ट भेजो’. इसी विवादित बयान पर बवाल मचा हुआ है. मध्य प्रदेश के कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ये वीडियो शेयर किया. उन्होंने लिखा- 'क्या ये बहनें आपकी सरकार के लिए केवल भीड़ बनकर रह गई हैं?'
दरअसल, करण सिंह अपने विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में पहुंचे थे. प्रदेश की राजधानी भोपाल से सटा हुआ जिला है सीहोर. इसी जिले की इछावर विधानसभा के धामंदा गांव में नए उपस्वास्थ्य केंद्र के लोकार्पण कार्यक्रम रखा गया था. इस दौरान जब उन्हें सामने भीड़ थोड़ी कम नजर आई तो बोले,
इस गांव की 894 लाडली बहनों को हर महीने 1500 रुपये मिलते हैं लेकिन कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी कम है. उन्हें बुलाओ, अगर नहीं आती हैं तो उनका नाम कट जाएगा.
उन्होंने आगे अपने बयान में विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस के राज में बहनों को पैसा मिलता था क्या?” साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली से गेहूं आ रहा है, किसानों के खातों में पैसे जा रहे हैं. फिर भी लोग ध्यान नहीं देते.
विपक्ष ने दिया जवाबमध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने X अकाउंट पर लिखा-
लाडली बहनों के स्वाभिमान पर चोट करना अब भाजपा नेताओं की कार्यशैली बनती जा रही है. मंत्री करण वर्मा द्वारा लाडली बहनों को मंच पर बुलाने की बात कहना और न आने पर “नाम काटने” जैसी धमकी देना केवल एक गैर-जिम्मेदार बयान नहीं, बल्कि सत्ता के दुरुपयोग और महिला-विरोधी मानसिकता का खुला प्रमाण है.
पहले सरकार ने ₹3000 देने के बड़े-बड़े वादे किए, फिर राशि ₹1500 पर अटक गई, और आज जब बहनें अपना हक़ मांग रही हैं तो उन्हें धमकियां दी जा रही हैं. क्या यही भाजपा शासन में महिला सम्मान है?
मध्य प्रदेश के कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने लिखा-
भाजपा के मंत्री कह रहे हैं कि हम लाडली बहना को 1500 रुपये दे रहे हैं, और यदि वे भाजपा के कार्यक्रम में नहीं आईं, तो उनका नाम काट दिया जाएगा. मुख्यमंत्री जी, क्या आपकी सरकार में यह प्रावधान है कि भाजपा कार्यक्रम में शामिल न होने वाली लाडली बहनों का नाम पात्र सूची से काट दिया जाएगा? यही भाजपा का असली चाल, चरित्र और चेहरा है, जहां महिलाओं का सम्मान सिर्फ वोट लेने तक सीमित है.
उन्होंने राजस्व मंत्री को सभी बहनों से माफ़ी मंगवाने की अपील भी की है. मध्य प्रदेश में ‘लाडली बहना’ को लेकर इस तरह की बयानबाजी नई नहीं है. इससे पहले 13 दिसंबर 2025 को रतलाम में मंत्री विजय शाह ने कहा था जिले में ढाई लाख लाडली बहनें हैं, सरकार करोड़ों रुपये दे रही है. तो दो साल में एक बार धन्यवाद तो बनता है.
कब आई थी लाडली बहना योजना?मध्य प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक मदद देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की शुरुआत साल 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी. इस योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने आर्थिक सहायता सीधे ट्रांसफर की जाती है. योजना की शुरुआत में महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह दिए गए, जिसे बाद में बढ़ाकर 1250 रुपए और फिर नवंबर 2025 में बढ़ाकर 1500 रुपए कर दिया गया.
वीडियो: मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विजय शाह ने लाडली बहन योजना पर क्या बोल गए कि विवाद हो गया?

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