The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Lucknow Father Murder Case details son wanted to join business instead of neet

लखनऊ हत्याकांड: मानवेंद्र और अक्षत के बीच क्या चल रहा था? मर्डर से पहले की पूरी कहानी

Lucknow Father Murder Case: मृतक मानवेंद्र सिंह का लखनऊ में अच्छा खासा कारोबार था. उनकी चार पैथोलॉजी लैब और तीन शराब की दुकानें थीं. मानवेंद्र के पिता यूपी पुलिस के रिटायर्ड कर्मी हैं. यानी उनका एक संपन्न परिवार था.

Advertisement
Lucknow Father Murder Case details son wanted to join business instead of neet
आरोपी बेटा (बाएं), बरामद किया गया ड्रम (बीच में), मृतक पिता (दाएं). (Photo: ITG)
pic
आशीष श्रीवास्तव
font-size
Small
Medium
Large
24 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 24 फ़रवरी 2026, 04:34 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

पिता चाहते थे बेटा डॉक्टर बने. उसे बार-बार टोकते थे. बेटे की इच्छा नहीं थी. आरोप है कि उसने पहले पिता की गोली मारकर हत्या की. फिर शव के टुकड़े कर कुछ हिस्सा फेंक आया और कुछ को नीले ड्रम में छिपा दिया. लखनऊ में हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड ने सबको हैरान कर दिया है.

अब इस मामले की परतें खुल रही हैं. मृतक मानवेंद्र सिंह का लखनऊ में अच्छा खासा कारोबार था. उनकी चार पैथोलॉजी लैब और तीन शराब की दुकानें थीं. मानवेंद्र के पिता यूपी पुलिस के रिटायर्ड कर्मी हैं. यानी उनका एक संपन्न परिवार था.

लखनऊ में खड़ा किया कारोबार

मानवेंद्र मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जालौन के रहने वाले थे. उन्होंने लखनऊ में अपना कारोबार खड़ा किया था. पत्नी का निधन हो चुका है. वो बाद बेटे अक्षत और बेटी कृति के साथ रहते थे. मानवेंद्र के रिटायर्ड पिता जालौन में ही रहते हैं.

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक परिवार के करीबियों ने बताया कि मानवेंद्र की बड़ी ख्वाहिश थी कि बेटा अक्षत डॉक्टर बने. उन्होंने उसकी 12वीं की पढ़ाई लखनऊ के प्रतिष्ठित लामार्ट स्कूल से कराई थी. बाद में एक कोचिंग संस्थान से NEET की तैयारी भी कराई. हालांकि दो बार परीक्षा देने के बाद भी अक्षत को सफलता नहीं मिली. परिवार के करीबियों का कहना है कि यहीं से पिता-पुत्र के रिश्ते में तनाव आना शुरू हो गया.

बेटे का झुकाव कारोबार में था

जांच में पता चला है कि अक्षत डॉक्टर नहीं बनना चाहता था. उसका झुकाव पिता के कारोबार की तरफ ज्यादा था जिसे वो संभालना चाहता था. एक रिश्तेदार ने बताया, “अक्षत का मानना था कि डॉक्टर बनने में सालों लग जाएंगे, जबकि बिजनेस तो पहले से जमा-जमाया है. पिता मानवेंद्र का मानना था कि बिजनेस चलता रहेगा, लेकिन प्रोफेशनल पहचान भी जरूरी है.”

रिश्तेदार के मुताबिक यही मुद्दा धीरे-धीरे बहस और विवाद में बदलता चला गया.

हालांकि परिवार के कुछ लोग नहीं मानते कि पिता-पुत्र के बीच का विवाद केवल NEET को लेकर था. बात कुछ और भी है. छानबीन में यह भी पता चला है कि कुछ महीनों पहले मानवेंद्र के घर में चोरी हुई थी. घर से कुछ कीमती गहने गायब हो गए थे. इसका शक शुरू में कामवाली पर गया. लेकिन बाद में पता चला कि गहने उसने नहीं चुराए थे. थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी.

Image embed
मृतक पिता मानवेंद्र सिंह. (Photo: ITG)

जांच के दौरान घर के ही किसी सदस्य पर चोरी का शक जताया गया था. बताया गया है कि तब अक्षत की भूमिका संदिग्ध लगी थी. बाद में मानवेंद्र ने पुलिस को दी गई शिकायत भी वापस ले ली थी. परिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस घटना के बाद मानवेंद्र का बेटे अक्षत पर से भरोसा उठ चुका था. वह उसकी हरकतों पर नजर भी रखने लगे थे.

20 फरवरी को हत्या

पुलिस के मुताबिक 20 फरवरी को तड़के 4:30 बजे पिता-पुत्र के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई. कथित तौर पर मानवेंद्र ने अक्षत से पढ़ाई पर ध्यान देने और NEET की गंभीरता से तैयारी करने को कहा. आरोप है कि इसके बाद बहस बढ़ गई और अक्षत ने पिता की ही लाइसेंसी राइफल से उन्हें गोली मार दी. गोली मानवेंद्र के सिर पर लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

आजतक के मुताबिक घटना घर की तीसरी मंजिल पर हुई थी. इससे अक्षत की छोटी बहन कृति भी जाग गई और आवाज सुनकर उसी कमरे में आई. पूरा नजारा देखकर वह भी सन्न रह गई. पुलिस के मुताबिक अक्षत ने कृति को भी धमकाया कि अगर उसने इसके बारे में किसी को बताया तो अच्छा नहीं होगा. इससे कृति भी डर गई और भाई के सिर पर सवार खून देखकर उसने किसी को कुछ नहीं बताया.

अक्षत हत्या करने के बाद पिता के शव को ठिकाने लगाने में जुट गया. पुलिस के मुताबिक वह पहले शव को तीसरी मंजिल से घसीटकर नीचे लाया. उसने सोचा कि शव को कार में रखकर गोमती नदी में फेंक देगा, लेकिन वजन ज्यादा होने की वजह से उसने शव के टुकड़े करने का फैसला किया. कथित तौर पर इसके बाद वह आरी लेकर आया और शव के हाथ-पैर काट दिए. फिर टुकड़ों को कार में भरकर कथित तौर पर पारा के सदरौना इलाके में फेंक आया. वहीं बाकी बचे धड़ को नीले ड्रम में भरकर रख दिया.

Image embed
पुलिस ने घर से बरामद किया नीला ड्रम, जिसमें रखा था शव. (Photo: ITG)

यह भी पढ़ें- पिता NEET के लिए प्रेशर बनाते थे, बेटे ने आरी से टुकड़े करके घर के ड्रम में भर दिए

उसकी योजना थी कि बाकी धड़ को भी फेंक देगा. इस बीच बचने के लिए उसने पुलिस में पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी. कहानी सुनाई कि पापा दिल्ली जाने का कहकर गए हैं. उनकी मोबाइल बंद आ रहा है. हालांकि पुलिस ने फोन की लोकेशन चेक की तो उसे बेटे पर शक होने लगा. 

पुलिस ने पूछताछ की तो वह बयान बदलने लगा. सख्ती दिखाने पर उसने हत्या की बात कबूल ली. बाद में फोरेंसिक टीम ने घर से खून के धब्बे, सफाई के प्रयास और कार की डिक्की में संदिग्ध निशान पाए, जिसकी जांच में खून के धब्बों की पुष्टि हुई.

वीडियो: लखनऊ यूनिवर्सिटी के लाल बारादरी मस्जिद पर बवाल क्यों?

Advertisement

Advertisement

()