लखनऊ में नाबालिग लड़की की हत्या, सबूत मिटाने के लिए रेलवे ट्रैक पर रखी दी लाश
घटना लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में हुई. आरोपियों की पहचान अंशु गौतम उर्फ लकी, आशिक यादव, रिनशु यादव और वैभव सिंह राजपूत के तौर पर हुई है.
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कथित लव ट्रायंगल की वजह से एक 16 साल की नाबालिग लड़की की हत्या कर दी गई. बताया जा रहा है कि लड़की के बॉयफ्रेंड ने उसे मिलने के लिए बुलाया. बाद में अपने दोस्तों को साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने BNS की धारा 87 (अपहरण, किसी महिला को शादी के लिए मजबूर करना) और 137 (अपहरण) के साथ हत्या का मामला दर्ज कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
घटना लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में हुई. वहीं, आरोपियों की पहचान अंशु गौतम उर्फ लकी, आशिक यादव, रिनशु यादव और वैभव सिंह राजपूत के तौर पर हुई है. इंडिया टुडे से जुड़े आशीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार, 13 जनवरी की शाम नाबालिग को अंशु ने फोन कर मिलने के लिए बुलाया. और कार में लेकर फरार हो गया.
कार में पहले से ही अंशु और आशिक समेत दो अन्य आरोपी मौजूद थे. उन्होंने कार में ही लड़की के साथ मारपीट की और गला दबाकर हत्या कर दी. बाद में नाबालिग की लाश को सरोजनी नगर क्षेत्र के रेलवे ट्रैक पर रख दिया. जिससे इसे आत्महत्या का मामला समझा जाए. नाबालिग के परिजनों ने लखनऊ के पारा पुलिस स्टेशन में लड़की के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस की जांच में पता चला कि गौतम और नाबालिग लड़की रिलेशनशिप में थे. लेकिन बाद में उसे शक हुआ कि लड़की उसके दोस्त आशिक यादव के भी संपर्क में है. जब दोनों को यह बात पता चली, तो दोनों दोस्तों ने इसे अपना अपमान माना.
इस बात से नाराज आरोपी अंशु और आशिक ने नाबालिग की हत्या का प्लान बनाया. प्लान के मुताबिक, उन्होंने मंगलवार, 13 जनवरी की शाम फोन कर उसे मिलने बुलाया और टाटा सफारी में बैठाकर अपने साथ ले गया. चलती गाड़ी में ही उसके साथ मारपीट की और बाद में गला घोंटकर हत्या कर दी.
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पुलिस ने बताया कि सबूतों को छिपाने के लिए आरोपियों ने अपने और मृतका के मोबाइल फोन भी तोड़कर फेंक दिए. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए अंशु गौतम को रविवार, 25 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया. साथ ही सोमवार, 26 जनवरी के दिन उसके अन्य तीन साथियों आशिक यादव, रिशू यादव और वैभव सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
वहीं, मृतका की मां ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने 14 जनवरी को ही थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. लेकिन पुलिस लगातार कहती रही कि बेटी मिल जाएगी. जब चारों आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, तो घरवाले थाने पहुंचे और आरोपियों के लिए फांसी की मांग कर प्रदर्शन करने लगे. संबंधित थाने के SHO सुरेश सिंह का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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