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मसूरी में बुल्लेशाह की मजार तोड़ने पर केस तो हुआ, गिरफ्तारी नहीं होगी, पुलिस ने ये वजह बताई है

बाबा बुल्ले शाह का मजार मसूरी के वायनबर्ग एलन स्कूल की निजी भूमि पर बना है. जहां पर तोड़फोड़ की गई. घटना की जानकारी उस वक्त हुई, जब मजार में कथित तोड़फोड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ.

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मसूरी में बाबा बुल्ले शाह की मजार में तोड़फोड़. (फोटो- इंडिया टुडे)
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प्रगति पांडे
26 जनवरी 2026 (Published: 12:42 AM IST)
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उत्तराखंड के मसूरी में सूफी कवि बाबा बुल्लेशाह की दरगाह पर कथित तोडफोड़ का मामले सामने आया है. पुलिस ने इस घटना के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर लिया है. हालांकि, किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है. न ही आरोपियों को पूछताछ के लिए तलब किया गया है. घटना शनिवार, 25 जनवरी की देर शाम का बताया जा रहा है. 

इंडिया टुडे से जुड़े सागर शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक,  बाबा बुल्लेशाह की मजार कथित तौर पर मसूरी के वायनबर्ग एलन स्कूल की निजी भूमि पर बना है. इसी को तोड़ा गया है. घटना की जानकारी उस वक्त हुई, जब मजार में कथित तोड़फोड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वायरल वीडियो में कुछ लोगों को 'जय श्रीराम' के नारे लगाते हुए और हथौड़े से मजार की संरचना और गेट को नुकसान पहुंचाते हुए देखा जा सकता है. वीडियो में कुछ लोग खुद को 'हिंदू रक्षा दल' से जुड़ा बताते नजर आ रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद आरोपियों के खिलाफ मसूरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों की पहचान हरिओम, शिवाऊ और श्रद्धा नामक तीन व्यक्तियों के तौर पर हुई है. इनके और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ BNS की धारा 196 (1) (B) (कोई भी ऐसा कार्य जो विभिन्न धार्मिक, नस्लीय, भाषाई या क्षेत्रीय समूहों या जातियों या समुदायों के बीच सद्भाव बनाए रखने के लिए हानिकारक हो) और 298 (किसी भी वर्ग के धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को चोट पहुंचाना या अपवित्र करना) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

सागर की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना की सूचना मिलते ही बाबा बुल्लेशाह समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे. समिति का कहना है कि यह घटना केवल धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने की नहीं, बल्कि मसूरी के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की साजिश है. मामले में अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. 

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मसूरी के CO मनोज असवाल ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है क्योंकि, FIR में लगाई गई BNS की धाराओं के तहत गिरफ्तारी जरूरी नहीं है. CO ने आगे बताया कि आरोपियों को अभी तक जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए भी समन भी नहीं भेजा गया है. उन्होंने बताया कि FIR रविवार को दर्ज की गई थी और सोमवार को हम गणतंत्र दिवस समारोह में व्यस्त हो गए. इसलिए हम मामले की जांच शुरू करते हुए दोषियों की पहचान करेंगे और आगे की कार्रवाई करेंगे.

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बुल्लेशाह की मजार पर तोड़फोड़ की जिम्मेदारी कथित तौर पर 'हिंदू रक्षा दल' के राज्य प्रमुख ललित शर्मा ने ली. शर्मा ने रविवार, 25 जनवरी को कहा कि उनके संगठन के लोगों ने दरगाह में तोड़फोड़ की है. उन्होंने आगे कहा कि यह देवभूमि है और हम किसी ऐसे व्यक्ति की मजार बर्दाश्त नहीं करेंगे, जिसकी समाधि पाकिस्तान में हो. यह मजार यहां केवल 100 साल से है. जबकि, सनातन धर्म हजारों वर्षों से विद्यमान है. इसलिए यह एक अतिक्रमण था.

शर्मा ने आगे कहा कि उन्होंने दो दिन पहले ही इस बात की घोषणा कर दी थी कि वो मजार में तोड़फोड़ करेंगे. बता दें कि घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई. जिसके चलते पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर है.

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