"लिव-इन में रहने वाली महिलाओं को ‘पत्नी’ का दर्जा मिले", हाईकोर्ट ने गंधर्व विवाह से की तुलना
जस्टिस श्रीमाथी ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप भारतीय समाज के लिए ‘सांस्कृतिक झटका’ है, लेकिन अब ये हर जगह आम हो गया है. उन्होंने कहा कि लड़कियां इसे आधुनिक समझकर ऐसे रिश्ते में जाती हैं, लेकिन जब रिश्ता टूटता है तो उन्हें कोई कानूनी सुरक्षा नहीं मिलती.
Advertisement

जज ने स्पष्ट किया कि अगर शादी संभव नहीं है तो पुरुषों को कानून का सामना करना चाहिए. (फोटो- PTI)
Story Summary
वीडियो: कोर्ट के ऑर्डर के बाद मजनू का टीला में क्या बदला? लोगों ने बताया अपना दर्द

