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मॉडिफिकेशन के बाद आग उगल रही थी कार, पुलिस ने एक लाख का चालान काट दिया

बेंगलुरु में ट्रैफिक पुलिस ने एक कार चालक पर 1 लाख का जुर्माना लगाया. पुलिस ने वीडियो पोस्ट करते हुए बताया कि चालक ने अपनी गाड़ी में गैरकानूनी मॉडिफिकेशन करवाया था.

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bengaluru police traffic challan
बेंगलुरु में कार के एग्जॉस्ट से निकलती हुई आग की लपटें. (फोटो-स्क्रीनग्रैब)
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शुभम कुमार
19 जनवरी 2026 (Published: 10:18 AM IST)
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बेंगलुरु के ट्रैफिक पुलिस ने एक कार चालक पर 1 लाख का जुर्माना लगाया है. वजह थी उसके कार में गैर कानूनी मॉडिफिकेशन. कार चालक ने अपनी गाड़ी मॉडिफाई कराई थी. उसकी गाड़ी की एग्जॉस्ट से आग की लपटेंं निकल रही थीं. कर्नाटक के येलाहंका शहर में स्थित रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) ने ये चालान काटा है. 

दरअसल, बेंगलुरु सिटी ट्रैफिक पुलिस ने अपने X अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया. वीडियो में कार के एग्जॉस्ट से आग की लपटें निकल रही थीं. जो मॉडिफिकेशन के नियमों के विरुद्ध है. वीडियो में आगे चालान की रसीद का भी स्क्रीनशॉट है. वीडियो पोस्ट करते हुए पुलिस ने लिखा,

कार के एग्जॉस्ट से आग निकल रही है. सड़क पब्लिक के लिए है, स्टंट के लिए नहीं. गाड़ी को मॉडिफाई करके जो स्टंट किया जा रहा है वो गैरकानूनी है. पब्लिक सेफ्टी से खिलवाड़ करने का किसी को कोई हक़ नहीं है. इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है.   

कार केरल का एक छात्र चला रहा था. पुलिस ने इस स्टंट के लिए 1 लाख 11 हज़ार 500 रुपये का चालान काटा और गाड़ी जब्त कर ली. 

लेकिन गाड़ी मॉडिफाई कराने के कुछ नियम-कानून भी होते हैं. कुछ मॉडिफिकेशन में आपको RTO यानी रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस की परमिशन की भी जरूरत होती है. वहीं, कुछ मॉडिफिकेशन आप कुछ हद तक ही करा सकते हैं. 

क्या लीगल है?

इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट लीगल है बशर्ते वो पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल टेस्ट को पास कर चुका हो. गाड़ी में बैठे हुए झटके कम लगने और ड्राइविंग क्वालिटी बेहतर करने के लिए गाड़ी का सस्पेंशन अपग्रेड करा सकते हैं. हैलोजन लाइट से गाड़ी में LED हेडलाइट लगवानी है, तो ये वैध है. पेट्रोल का खर्च कम करने के लिए गाड़ी में CNG किट फिट करानी है, तो आफ्टर मार्केट से ये भी करा सकते हैं. लेकिन इसके लिए भी RTO से इजाजत चाहिए. अगर ड्राइवर विकलांग है तो वो अपने हिसाब से कार में मॉडिफिकेशन करा सकते हैं. इसके अलावा भारत में कार के टायर अपग्रेड करना बिल्कुल कानूनी है, बशर्ते आपके नए टायर कार कंपनी के तय मानकों के मुताबिक हों.

ये भी पढ़ें: कार में कुछ बदलाव कराना है? ऐसे मॉडिफिकेशन से नहीं कटेगा चालान!

क्या गैरकानूनी है? 

नियम के मुताबिक़ आप 80-100 डेसिबल तक का लाउड एग्जॉस्ट लगवा सकते हैं. इससे ऊपर गैरकानूनी है. अगर आप ऐसी लाइट लगवाते हैं, जो सामने वाले की विजिबिलिटी कम कर दें. उसे न दिखे, तो आपका चालान कट सकता है. गाड़ी के शीशे पर विंडो शील्ड नहीं लगा सकते क्योंकि इससे दृश्यता कम होती है. ARAI की सहमति के बिना गाड़ी के ढांचे में बदलाव करना अवैध है. 

इसके अलावा आप इंफोटेनमेंट, सीट कवर, आर्मरेस्ट और स्पीकर भी बदलवा सकते हैं. माने कि कार में आप काफी कुछ बदलाव करा सकते हैं. लेकिन ये बदलाव RTO के तहत कानूनी होने चाहिए. कुल मिलाकर कोई भी कार मॉडिफिकेशन से पहले RTO और अपनी व्हीकल इंश्योरेंस कंपनी से पूछ लेना बेहतर रहता है, ताकि बाद में चालान कटने या क्लेम में परेशानी की नौबत न आए.   

वीडियो: राजस्थान में छात्रा के साथ चलती कार में सामूहिक बलात्कार, आरोपी कौन?

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