मकान मालिक पुताई के पैसे आपकी सिक्योरिटी से काट सकता है? जवाब हाई कोर्ट ने दे दिया
मान लीजिए आपने किराए का घर खाली किया. कुछ दिन बाद मकान मालिक का फोन आता है और कहता है. दीवारों की पुताई करानी पड़ी, पेंटिंग हुई, थोड़ा-बहुत रिपेयर भी हुआ. इसलिए आपकी सिक्योरिटी डिपॉजिट से पैसे काट लिए. लेकिन सवाल है कि क्या वो ऐसा कर सकता है? हाई कोर्ट ने ये भी बताया कि किस-किस चीज का पैसा काटा जा सकता है.

अगर आप भी किराए के घर में रहते हैं या आप के मकान में किरायेदार रहते हैं तो ये ख़बर आपके लिए है. रेंट पर फ्लैट लेते समय आपने मकान मालिक को रेंट के इतर भी कुछ पैसे दिए होंगे. मसलन मेंटेनेंस फीस और सिक्योरिटी के तौर पर. इस वादे पर कि जब आप घर छोड़कर जाएंगे तो ये पैसे वापस कर दिए जाएंगे. लेकिन क्या आपको पूरे पैसे वापस मिलते हैं? एक-दो केस छोड़ दें तो ऐसा कम ही होता है. अब इसी बात पर दिल्ली हाई कोर्ट में बहस हुई कि मकान मालिक सिक्योरिटी अमाउंट में से कितने पैसे काट सकता है?
दिल्ली हाई कोर्ट में M/S Ritas heritage & others vs Sangita Gupta & another case की सुनवाई हो रही थी. इसी दौरान ये सवाल तैरने लगा कि आखिर लैंडलॉर्ड रिपेयर के नाम पर कितने पैसे काट सकता है. इस मामले में मकान मालिक ने बताया कि उसे कमरा खाली होने के बाद 7 लाख रुपये रिपेयर में लगाने पड़े. उन्होंने दावा किया कि किराएदार ने घर की ऐसी हालत कर दी कि इतने पैसे खर्च करने पड़ गए.
कोर्ट ने क्या जवाब दिया?कोर्ट ने कहा कि अगर घर में मामूली नुकसान हुआ है जो केवल वाइटवॉश कराने से ठीक हो सकता है, तो किराएदार से पैसे नहीं लिए जा सकते हैं. हालांकि कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर डैमेज इतना ज्यादा है कि घर की हालत बिलकुल खराब हो गई है तो उस केस में पैसे भरने पड़ सकते हैं.
इस मामले में कोर्ट ने मकान मालिक के दावे को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया. लेकिन पूरी तरह खारिज भी नहीं किया. मकान मालिक ने कोर्ट में इनवॉइस, बिल, रसीद और तस्वीरें भी साझा कीं. कोर्ट ने कहा कि तस्वीरें देखने पर कुछ इलेक्ट्रिकल तार टूटे हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसका खर्च किराएदार को उठाना पड़ेगा.
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कितने पैसे भरने होंगे?रिपोर्ट के मुताबिक, मकान मालिक का चार मंजिला मकान है. कोर्ट ने माना कि जिस रिपेयर को लेकर उसने 7 लाख का दावा ठोका है वो पूरे बिल्डिंग का खर्च है. ऐसे में ये तय कर पाना मुश्किल है कि किराएदार पर कितना खर्च बैठेगा.
कुछ एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर रेंटल एग्रीमेंट में ही तमाम तरह के रिपेयर, मेंटेनेंस का ज़िक्र कर दिया जाए तो फ्लैट छोड़ने के बाद मुश्किल नहीं होगी. इससे मकान मालिक और किराएदार दोनों का पैसा, समय और एनर्जी बचेगी. तो अगली बार घर किराये पर लेने से पहले रेंटल एग्रीमेंट अच्छे से पढ़ लें.
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