The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • Kerala Ambulance Driver Life Term Punisment For Raping a Covid Patient on Way to Hospital

कोविड पेशेंट का किया था रेप, अब एंबुलेंस ड्राइवर को मिली उम्रकैद, सबूत महिला ने खुद जुटाया था

Kerala News: कोर्ट में दिए गए पीड़ित पक्ष के बयान के अनुसार, महिला को जिले के ही एक कोविड उपचार केंद्र में भर्ती कराना था. राज्य स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस सेवा के ड्राइवर नौफाल को ये काम सौंपा गया. उपचार केंद्र के बजाए, चालक ने एंबुलेंस को एक सुनसान इलाके में मोड़ दिया.

Advertisement
Ambulance Driver Sentenced for Life
एंबुलेंस ड्राइवर को आजीवन कारावास की सजा मिली है. (सांकेतिक तस्वीर: इंडिया टुडे)
pic
रवि सुमन
12 अप्रैल 2025 (अपडेटेड: 12 अप्रैल 2025, 05:41 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

केरल के एक एंबुलेस ड्राइवर (Kerala Ambulance Driver) को रेप के केस में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. पतनमतिट्टा (Pathanamthitta) जिले की एक अदालत ने पाया है कि उसने एक दलित महिला का रेप किया. पीड़िता कोविड-19 से ग्रसित थीं. सेशन कोर्ट ने ड्राइवर नौफाल पर 1.08 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. कोविड महामारी के दौरान हुई इस घटना ने राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया था. एंबुलेंस में अकेली महिला मरीज को भेजने के लिए स्वास्थ्य विभाग की आलोचना भी की गई थी.

कोविड मरीज का रेप

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना 2020 की है. कोर्ट में दिए गए पीड़ित पक्ष के बयान के अनुसार, महिला को जिले के ही एक कोविड उपचार केंद्र में भर्ती कराना था. पहले से एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन फिर उन्हें उसी जिले के दूसरे उपचार केंद्र में शिफ्ट किया गया. राज्य स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस सेवा के ड्राइवर नौफाल को ये काम सौंपा गया. उपचार केंद्र के बजाए, चालक ने एंबुलेंस को एक सुनसान इलाके में मोड़ दिया. अस्पताल ले जाने से पहले उसने पीड़िता का रेप किया.

ये भी पढ़ें: ट्रेन में पड़े शव से यात्री ने किया रेप, सामान चुराकर भागा, पीछे से आए दूसरे यात्री ने भी लूटा

लड़की ने कोर्ट को खुद सबूत दिया!

इसके बाद, अस्पताल पहुंचाते वक्त रास्ते में नौफाल ने पीड़िता से माफी मांगी और कहा कि वो इसके बारे में किसी को ना बताए. महिला ने अपने मोबाइल फोन पर ड्राइवर की माफी वाली बात को रिकॉर्ड कर लिया. कोर्ट में उसे सबूत के तौर पर पेश किया गया. 

पीड़िता की मां पहले से उसी उपचार केंद्र में भर्ती थीं. वहां पहुंचते ही लड़की ने अपनी मां और वहां के कर्मचारियों को घटना के बारे में बताया. वहां मौजूद अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी. घटना के अगले ही दिन नौफाल को गिरफ्तार कर लिया गया. करीब पांच साल तक चले मुकदमे के दौरान वो हिरासत में रहा. कोर्ट ने नौफाल को SC/ST Act के तहत भी दोषी ठहराया. पुलिस के मुताबिक इस घटना से पहले, 2019 में नौफाल पर हत्या के प्रयास का एक मामला भी दर्ज हुआ था. 

वीडियो: वाराणसी गैंगरेप के आरोपियों पर भीड़ ने किया हमला

Advertisement

Advertisement

()