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बदरीनाथ-केदारनाथ में गैर-हिंदुओं की एंट्री होगी बंद, कांग्रेस ने पूछा- 'क्या राज्यपाल को भी नहीं घुसने देंगे'

बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम में अब गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाई जाएगी. BJP के सीनियर नेता और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इसका ऐलान किया है. इस फैसले पर उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं ने बड़े सवाल उठाए हैं.

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KedarnatKedarnath-Badrinath temple complex non-Hindus Entry
बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम में अब गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाई जाएगी. (फाइल फोटो: आजतक)
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अंकित शर्मा
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26 जनवरी 2026 (Updated: 26 जनवरी 2026, 04:31 PM IST)
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बीजेपी के सीनियर नेता और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर कमेटी (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा है कि बदरीनाथ धाम, केदारनाथ धाम और कमेटी के अधीन आने वाले सभी मंदिरों में अब गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाई जाएगी. कमेटी की आगामी बोर्ड बैठक में इसे लेकर औपचारिक प्रस्ताव पास किया जाएगा.

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, हेमंत द्विवेदी ने कहा कि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा सबसे जरूरी है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा,

केदारखंड से लेकर मानसखंड तक बने मंदिरों में परंपरागत रूप से गैर-हिंदुओं का प्रवेश नहीं हो रहा है, लेकिन पिछली गैर-बीजेपी सरकारों के समय इन परंपराओं का उल्लंघन हुआ. अब परंपराओं का सख्ती से पालन कराया जाएगा.

हेमंत द्विवेदी ने साफ कहा कि चारधाम कोई पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि सनातन धर्म के सर्वोच्च तीर्थ स्थल हैं. यहां प्रवेश नागरिक अधिकार का मामला नहीं, बल्कि धार्मिक परंपराओं से जुड़ा विषय है. उन्होंने दावा किया कि सभी प्रमुख धार्मिक गुरुओं की भी यही राय है कि इन धामों में गैर-हिंदुओं की एंट्री नहीं होनी चाहिए.

मुख्यमंत्री की तारीफ की

बीकेटीसी अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि सीएम के निर्देश पर प्रदेश भर में अवैध मजारों को हटाया गया और यह कदम उत्तराखंड की धार्मिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और कानून व्यवस्था को मजबूत करने वाला है. बीजेपी नेता ने दावा किया कि यूसीसी लागू होने से सरकार पर लोगों का भरोसा बढ़ा है.

ये भी पढ़ें: 'केदारनाथ-बद्रीनाथ बौद्ध मठ थे, तोड़कर मंदिर बने', स्वामी प्रसाद को मायावती ने क्या जवाब दिया?

'क्या राज्यपाल को भी नहीं घुसने देंगे?'

इस फैसले को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता हरीश रावत ने कहा, 

इस पर मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी है क्योंकि यह बीजेपी का अपना एजेंडा है. उन्हें करने दीजिए... दुनिया भर के दूसरे धर्म, लोगों को अपने पूजा स्थलों की ओर आकर्षित करते हैं. वे ऐसा नहीं करते.

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता सुजाता पाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि पहले यह तय किया जाए कि हिंदू कौन है और हिंदू होने की परिभाषा क्या है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को वीआईपी दर्शन कराए जाते हैं, बड़े होटलों में ठहराया जाता है और जिनके साथ तस्वीरें खिंचवाई जाती हैं, क्या उनका आना भी बंद होगा. 

उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या अब उत्तराखंड के राज्यपाल भी बदरीनाथ और केदारनाथ धाम नहीं जा पाएंगे? बताते चलें कि उत्तराखंड के वर्तमान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह हैं, जो सिख समुदाय से आते हैं.

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