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'ठेकेदारों को मिला कोटा सिर्फ मुस्लिमों के लिए नहीं', कर्नाटक के डिप्टी CM ने पूरा 'सच' बताया

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया था कि Karnataka की सरकार धर्म के आधार पर आरक्षण दे रही है. उन्होंने इसे असंवैधानिक बताया था. अब उपमुख्यमंत्री DK Shivakumar ने इस पर नई जानकारी दी है.

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DK Sivakumar
डीके शिवकुमार ने कहा है कि ये आरक्षण सिर्फ मुसलमानों के लिए नहीं है. (फाइल फोटो: PTI)
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रवि सुमन
16 मार्च 2025 (Published: 09:19 AM IST)
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कर्नाटक में सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स में चार प्रतिशत कोटे (Tender Quota in Karnataka) को लेकर विवाद जारी है. भाजपा ने आरोप लगाया कि मुस्लिम ठेकेदारों को आरक्षण दिया जा रहा है. उसने इसे असंवैधानिक बताया. अब इस मामले पर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) का बयान आया है. उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार का ये फैसला सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लिए नहीं है, बल्कि सभी अल्पसंख्यक समुदायों और पिछड़े वर्गों के लिए है.

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उपमुख्यमंत्री ने कहा,

किसने कहा कि चार प्रतिशत आरक्षण केवल मुसलमानों के लिए है? ये अल्पसंख्यकों और पिछड़े समुदायों के लिए है. अल्पसंख्यकों में ईसाई, जैन, पारसी और सिख भी आते हैं.

उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्नाटक सरकार की ये मंजूरी केवल 2 करोड़ रुपये से कम के प्रोजेक्ट्स के लिए है. इस कोटे के तहत बड़े प्रोजेक्ट्स नहीं दिए जाएंगे. उन्होंने आगे कहा,

हम किसी का अधिकार नहीं छीन रहे हैं. हम दूसरों के लिए भी आजीविका की व्यवस्था कर रहे हैं.

क्यों हुआ विवाद?

इस मामले की शुरुआत 7 मार्च को हुई जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राज्य का बजट पेश किया. इसी दौरान उन्होंने 4 प्रतिशत कोटे की बात की. उनके इस बयान के बाद से ही भाजपा उन पर निशाना साधती रही. भाजपा नेताओं ने इसे 'मुस्लिम आरक्षण' कहा. 15 मार्च को CM सिद्धारमैया की अध्यक्षता में विधानसभा के कैबिनेट हॉल में एक बैठक हुई.

बैठक में ‘कर्नाटक ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक प्रोक्योरमेंट’ (KTPP) एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव लाया गया. ताकि चार प्रतिशत आरक्षण के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो सके. राज्य की कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी. इसके बाद विवाद और बढ़ गया. सुर्खियां बनीं कि मुस्लिमों ठेकेदारों के लिए कोटा लाया गया है.

ये भी पढ़ें: 'भगवान भी रातोंरात बेंगलुरु को बदल नहीं सकते' कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार का दर्द

भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस फैसले के जरिए 'वोट बैंक की राजनीति' कर रही है. डीके शिवकुमार ने इस आरोप का जवाब कुछ इस तरह दिया,

वो (भाजपा) हमें याद करते रहते हैं. इससे हम और मजबूत होते हैं.

इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी गंभीर आरोप लगे. BJP सांसद रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी राज्य की कैबिनेट के फैसलों में दखलअंदाजी कर रहे हैं. बेंगलुरु साउथ सीट से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि ये फैसला धर्मांतरण को प्रेरित करने वाला है.

वीडियो: डीके शिवकुमार सीएम पद पर अड़े थे, फिर राहुल गांधी के फोन पर पल भर में कैसे मान गए?

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