The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • India
  • jammu kashmir Journalist's House Demolition Sparks Row, Hindu Neighbour Gifts Plot

अवैध बता पत्रकार अरफाज अहमद का घर तोड़ा, हिंदू पड़ोसी ने नया मकान बनाने को दे दिया प्लॉट

जम्मू के वरिष्ठ पत्रकार अरफाज अहमद डैंग का आरोप है कि उन्होंने सीमा पार ड्रग तस्करी जैसे मुद्दों पर रिपोर्टिंग की, जिसकी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया. जबकि प्रशासन का दावा है कि उनका घर जेडीए की जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था. पत्रकार का सवाल है कि पूरे जम्मू में प्रशासन को केवल उनका ही घर क्यों अवैध लगा?

Advertisement
jammu kashmir Journalist's House Demolition Sparks Row,
पत्रकार अरफाज अहमद डैंग का घर पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया गया. (फोटो: इंडिया टुडे)
pic
अर्पित कटियार
29 नवंबर 2025 (Published: 11:11 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

जम्मू में एक पत्रकार का घर गिराए जाने पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, पत्रकार अरफाज अहमद डैंग का आरोप है कि उन्होंने सीमा पार ड्रग तस्करी जैसे मुद्दों पर रिपोर्टिंग की, जिसकी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया. जबकि प्रशासन का दावा है कि उनका घर जम्मू डेवलपमेंट अथॉरिटी (जेडीए) की जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था. इस बीच, इंसानियत की मिसाल तब दिखने को मिली जब डैंग के हिंदू पड़ोसी ने अपनी जमीन का एक टुकड़ा उन्हें घर बनाने के लिए दे दिया.

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, डैंग एक डिजिटल चैनल ‘न्यूज सेहर इंडिया’ चलाते हैं. घटना स्थल के वीडियो में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी घर के आसपास तैनात दिखे, जो डैंग को लाइव वीडियो बनाने से रोक रहे थे. उन्होंने बताया कि तोड़फोड़ के दौरान उन्हें और उनके दो भाइयों को घायल कर हिरासत में लिया गया. डैंग का आरोप है कि यह कार्रवाई बिना किसी नोटिस के की गई है.

पत्रकार अरफाज अहमद डैंग का घर बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त कर दिया गया. अधिकारियों का कहना है कि यह अवैध घर जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) की जमीन पर बना था. जबकि डैंग ने पत्रकारों को बताया कि ध्वस्त हो चुका यह घर 40 साल पहले बना था और इसके मालिक उनके पिता थे. द हिंदू से बातचीत में डैंग ने कहा, 

पहले मेरा घर बठिंडी में तोड़ा गया था. मैंने हिम्मत रखी और माता-पिता के घर शिफ्ट हो गया. अब यह घर भी गिरा दिया. ये घर 40 साल से ज्यादा पुराना था. सिर्फ मेरा ही घर क्यों? क्या पूरे जम्मू शहर में मेरा ही घर अवैध था?

आगे उन्होंने कहा,

वे पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सबक सिखाना चाहते हैं, जो अपना काम ईमानदारी से करना चाहते हैं. अगर आप चापलूस हैं, तो आप सुरक्षित हैं, लेकिन अगर आप सच दिखाएंगे, तो आपके साथ भी यही होगा. 

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय लोगों का दावा किया कि डैंग पिछले चार दशकों से इस क्षेत्र में रह रहे थे और उन्हें बिना किसी नोटिस के बेदखल कर दिया गया. 

हिंदू पड़ोसी ने गिफ्ट किया प्लॉट

इस पूरे मामले के बीच इंसानियत की एक खूबसूरत मिसाल देखने को मिली. हिंदू पड़ोसी कुलदीप कुमार ने पत्रकार डैंग को अपना घर दोबारा बनाने के लिए जमीन देने की पेशकश की. उन्होंने अपनी बेटी तान्या के साथ मिलकर जम्मू के ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में ‘पांच मरला’ का प्लॉट देने का फैसला किया. कुलदीप कुमार ने कहा,

मैं अपनी बेटी के जरिए यह जमीन दे रहा हूं ताकि मेरा भाई फिर से अपना घर खड़ा कर सके.

उन्होंने यह भी वादा किया कि निर्माण में भी हर संभव मदद करेंगे. उन्होंने भावुक होकर कहा कि वे अपने ‘भाई’ को कभी अकेला नहीं छोड़ेंगे. 

ये भी पढ़ें: 'डेढ़ लाख घर ध्वस्त, 7 लाख लोग बेघर', बुलडोजर एक्शन पर आई ये रिपोर्ट देख धक्का लगेगा

राजनेताओं ने क्या कहा?

जम्मू में हुई तोड़फोड़ ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. अलग-अलग पार्टियों के नेता मौके पर पहुंचे, प्रभावित परिवारों से मिले और अधिकारियों पर निशाना बनाकर कार्रवाई करने का आरोप लगाया.

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पत्रकार का घर गिराना निर्वाचित सरकार को बदनाम करने की एक साजिश है. उनका आरोप है कि उपराज्यपाल द्वारा लगाए गए अधिकारियों ने बिना सरकार की मंज़ूरी के यह कार्रवाई की. 

उन्होंने कहा कि कोई भी सरकारी ज़मीन पर कब्ज़े का समर्थन नहीं करता, लेकिन जेडीए अपनी मर्ज़ी से किसी का घर नहीं तोड़ सकता. उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि एक खास समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है और उन्होंने जम्मू में सभी अवैध कब्ज़ों की सूची मांगी है.

बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना ने भी इस कार्रवाई को ‘चुनिंदा’ बताया और लोगों को मदद का भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीबों को घर देने में विश्वास रखते हैं, तोड़ने में नहीं. रैना ने कहा कि इसका आदेश उपराज्यपाल ने नहीं दिया, तो सवाल है कि कार्रवाई किसके कहने पर हुई. जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला भी मौके पर पहुंचे और जेडीए की कार्रवाई की निंदा की.

वीडियो: ललितपुर में गौशाला की गड़बड़ी रिपोर्ट करने गया पत्रकार, उल्टा उसपे ही FIR हुआ, पुलिस ने अरेस्ट भी कर लिया

Advertisement

Advertisement

()