'संसद से ऊपर कोई नहीं', सुप्रीम कोर्ट पर छिड़ी बहस के बीच बोले जगदीप धनखड़
Legislative Vs Executive Controversy: उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सुप्रीम कोर्ट के दो ऐसे बयानों का भी ज़िक्र किया जो आपस में विरोधाभासी हैं. धनखड़ ने कहा कि संसद सर्वोच्च है और ऐसी स्थिति में यह देश के प्रत्येक व्यक्ति जितनी ही सर्वोच्च है.

न्यायपालिका और कार्यपालिका (Legislative Vs Executive Controversy) में तकरार के बीच एक बार फिर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Vice President Jagdeep Dhankhar) ने अपनी बात रखी है. उन्होंने दोहराया, “संसद ही सर्वोच्च है. (Parliament Is Supreme) संविधान में संसद से ऊपर किसी अथॉरिटी की कल्पना नहीं की गई है.” धनखड़ मंगलवार 22 अप्रैल को दिल्ली यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम को संबोधित रहे थे.
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कहा,
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के दो ऐसी टिप्पणियों का भी ज़िक्र किया जो आपस में विरोधाभासी हैं. गोरकानाथ केस का ज़िक्र किया और कहा कि तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्रस्तावना (Preamble) संविधान का हिस्सा नहीं है. लेकिन केशवानंद भारती में कोर्ट ने कहा कि यह संविधान का हिस्सा है.
उन्होंने कहा,
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उन्होंने लोकतंत्र में संवाद के महत्व पर ज़ोर दिया. उन्होंने आगे कहा,
उन्होंने कहा,
गौरतलब है कि इन दिनों देश में न्यायपालिका और कार्यपालिका में तकरार चल रही है. बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद इस मुद्दे पर ताज़ा बहस शुरू हुई थी. कोर्ट ने राष्ट्रपति के लिए बिल को मंज़ूरी देने की टाइमलाइन तय की थी.
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इसके बाद उप राष्ट्रपति धनखड़ और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सार्वजनिक मंचों पर आलोचना की थी. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने 21 अप्रैल को एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि उन पर कार्यपालिका के कार्यक्षेत्र में दखल के आरोप लग रहे हैं.
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