रेलवे ने बदला टिकट कैंसिल का नियम, अब चार घंटे भूल जाइए, आठ और 72 घंटे याद रखिए
Railway Cancellation Rule: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कंफर्म टिकट को कैंसिल करने के नियमों में बदलाव किया गया है. साथ ही बोर्डिंग स्टेशन बदलने का समय भी चेंज हो गया है.
.webp?width=210)
भारतीय रेल ने कंफर्म टिकट को कैंसिल करने के नियमों में कुछ बदलाव किया है. इसके अलावा बोर्डिंग स्टेशन बदलने के समय में भी बदलाव किया गया है. ये नियम दो चरण (1 अप्रैल और 15 अप्रैल) में लागू किए जाएंगे. सरकार का कहना है कि इससे लोगों को अधिक रिफंड मिलने में आसानी होगी.
द इकोनॉमिक टाइम्स ने नियमों में बदलाव पर एक रिपोर्ट छापी है. इसके मुताबिक़, अब किसी ट्रेन के तय डिपार्चर समय से 72 घंटे पहले अगर टिकट कैंसिल करते हैं तो अधिकतम रिफंड मिलेगा. यानी 72 घंटे पहले कंफर्म टिकट कैंसिल करने पर केवल कैंसिलेशन चार्ज लगेगा. 24 से 72 घंटे के अंदर अगर टिकट कैंसिल किया तो 25% फेयर कटेगा. बाकी 75% पैसे वापस कर दिए जाएंगे. वहीं अगर और लेट कैंसिल किया तो और अधिक पैसा चुकाना होगा.
जैसे अगर 8 से 24 घंटे के बीच टिकट कैंसिल किया तो किराए का 50% काटकर रिफंड मिलेगा. यानी कम से कम रिफंड दिया जाएगा. अगर ट्रेन को सोर्स स्टेशन से निकलने में 8 घंटे से भी कम का समय बचा है. और तब टिकट कैंसिल किया तो कोई पैसा रिफंड नहीं किया जाएगा. सरकार का कहना है कि इससे टिकट बुकिंग सिस्टम के गलत उपयोग को रोका जा सकता है.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा,
‘एक जांच के दौरान सामने आया कि टिकट दलालों की मनमानी चल रही है. वो पहले से टिकट बुक करके रख लेते हैं. और बाद में जो टिकट नहीं बिकते उसे कैंसिल कर देते हैं. इससे रिफंड के नाम पर उनकी कमाई हो जाती है.’
एक और नियम में बदलाव हुआ हैभारतीय रेल ने बोर्डिंग स्टेशन बदलने के लिए नए विंडो का ज़िक्र किया है. इस बदलाव के बाद अब यात्री ट्रेन के शुरू होने से आधे घंटे (30 minutes) पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं. सरकार ने तर्क दिया कि इससे यात्रियों को किसी भी शहर से ट्रेन बोर्ड करने की सहूलियत मिलेगी. बता दें इसके पहले बोर्डिंग स्टेशन चार्ट तैयार होने से पहले तक ही बदल सकते थे. यानी ट्रेन शुरू होने से 4 घंटे पहले तक की ही छूट थी.
ये भी पढ़ें: जनरल डिब्बों की 'भीड़' और स्लीपर का 'सत्यानाश', भारतीय रेल सिर्फ अमीरों की सवारी बन गई है?
पहले कितना पैसा कटता था?पुराने नियमों के मुताबिक़, ट्रेन शुरू होने के 12 से 48 घंटे के बीच अगर कंफर्म टिकट कैंसिल होता तो किराए का 25% कटता था. अगर 4 से 12 घंटे के बीच टिकट कैंसिल होता है तो 50% पैसे कटते थे. 4 घंटे के अंदर कैंसिलेशन पर कोई रिफंड नहीं मिलता था. वेटिंग टिकट के मामले में GST के साथ अलग से 20 रुपये कटते थे.
वीडियो: सोशल लिस्ट : नकली TTE और ट्रैक पर सोता इंसान, भारतीय रेलवे से आए कैसे-कैसे वायरल वीडियोज?

.webp?width=60)
