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दावोस में डील या फोटोशूट? कांग्रेस ने WEF ट्रिप को बताया पैसा जलाने की मशीन

कांग्रेस का कहना है कि ये ट्रिप्स PR स्टंट हैं. जिनमें करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन रियल फॉरेन इनवेस्टमेंट कम आता है.

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Indian CMs sign MoUs with Indian firms in Davos, spark outrage opposition questions move
कांग्रेस ने WEF को 'टैक्सपेयर्स के पैसे की बर्बादी' बताया है. (फोटो- X)
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प्रशांत सिंह
21 जनवरी 2026 (Published: 08:44 AM IST)
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दुनिया के सबसे मशहूर स्की रिजॉर्ट्स में से एक, स्विट्जरलैंड का दावोस. हर साल जनवरी में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की मेजबानी करता है. यहां बर्फीली पहाड़ियां, लग्जरी होटल्स और ग्लोबल लीडर्स का जमावड़ा होता है. जहां आर्थिक नीतियां, निवेश और भविष्य की रणनीतियां तय होती हैं. WEF 2026 में भारतीय राज्यों की बड़ी-बड़ी डील्स सुर्खियां बटोर रही हैं. वहीं कांग्रेस ने इन पर सवाल उठाकर विवाद खड़ा कर दिया है.

पहले जानते हैं कांग्रेस की क्या शिकायतें हैं? फिर बताएंगे किन राज्यों ने क्या डील साइल कीं और नेताओं ने क्या कहा?

कांग्रेस ने क्या सवाल उठाए?

कांग्रेस ने WEF को 'टैक्सपेयर्स के पैसे की बर्बादी' बताया है. कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने मंगलवार, 20 जनवरी को X पर पोस्ट में कहा,

"अजीब बात है. भारत के लोग दावोस जाकर भारतीयों से मिल रहे हैं. राज्य सरकारें भारतीय कंपनियों से एग्रीमेंट्स साइन कर रही हैं, जो भारत में ही हो सकती थीं. राज्यों के मुख्यमंत्री दावोस में अन्य मुख्यमंत्रियों से मिल रहे हैं. ये पैसे की बर्बादी है. अगर फॉरेन कंपनियों से डील्स होतीं तो समझ भी आता."

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राजीव शुक्ला का पोस्ट.

नागपुर में मीडिया से बात करते हुए विजय वडेट्टीवार ने पूछा,

"इंडियन कंपनियों से विदेश में डील्स साइन करने का क्या फायदा? क्या फॉरेन कंपनियां सच में महाराष्ट्र में निवेश करेंगी?"

वहीं, कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने लोढ़ा डेवलपर्स वाली MoU पर सवाल उठाया,

"हर साल की तरह, इस साल भी मुख्यमंत्री फडणवीस के साथ एक पूरा दल दावोस गया है, जहां उन्होंने डील्स पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें से अधिकतर भारतीय कंपनियों के साथ हैं. पिछले साल दावोस में हीरंदनानी और रहेजा समूहों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, जबकि ये दोनों कंपनियां मुंबई में स्थित हैं. टैक्सपेयर्स का पैसा इस तरह क्यों बर्बाद किया जा रहा है?"

कांग्रेस का कहना है कि ये ट्रिप्स PR स्टंट हैं. जिनमें करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन रियल फॉरेन इनवेस्टमेंट कम आता है.

कांग्रेस के इन सवालों के जवाब दावोस के पहले दिन हुई डील्स में छिपे हैं. कौन-कौन से राज्य और मुख्यमंत्री ने साइन की बड़ी डील्स, ये जानने भी जरूरी है.

महाराष्ट्र ने 19 MoUs साइन किए

WEF 2026 में पहले दिन महाराष्ट्र ने सबसे बड़ी डील साइन की. सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 19 MoUs साइन किए. जिनकी कुल वैल्यू 14.5 लाख करोड़ रुपये है. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक इससे 15 लाख से ज्यादा जॉब्स क्रिएट होने की उम्मीद. ये डील्स कंज्यूमर गुड्स, हॉस्पिटैलिटी, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन स्टील और डिजिटल इंफ्रा जैसे सेक्टर्स में हुई हैं.

फडणवीस ने जो डील साइन कीं, उनमें प्रमुख पार्टनर्स में कोका-कोला, एंटोरा एनर्जी, ब्रुकफील्ड और लोढ़ा डेवलपर्स शामिल हैं. इसके अलावा, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने 10 MoUs पर साइन किए. जिसकी वैल्यू USD 96 बिलियन (8.73 लाख करोड़ रुपये) है. इसका फोकस लॉजिस्टिक्स, इंडस्ट्रियल हब्स और डिजिटल इंफ्रा पर है. फडणवीस ने कहा,

"ये ग्लोबल इनवेस्टर्स का महाराष्ट्र पर भरोसा दिखाता है."

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले के साथ MoU साइन हुआ है. ये AI, सस्टेनेबिलिटी, अर्बन पॉलिसी और इनोवेशन इकोसिस्टम में सहयोग के लिए किया गया है. JICA (जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी) के साथ मल्टीमॉडल अर्बन मोबिलिटी के लिए यूनिफाइड डिजिटल आर्किटेक्चर और ट्रांसपोर्ट डिजिटल ट्विन्स बनाने के लिए डील साइन हुई. वहीं, सिंगापुर की Sembcorp Development Ltd. के साथ पालघर, रायगढ़ और खारबाव के स्ट्रैटेजिक कॉरिडोर में सस्टेनेबल, लो-कार्बन इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम विकसित करने के लिए MoU साइन किया गया.

तेलंगाना सरकार और UAE की डील

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सरकार और तेलंगाना सरकार ने भारत फ्यूचर सिटी के विकास के लिए सहयोग करने पर सहमति जताई है. UAE के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री ने WEF 2026 में मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाले ‘तेलंगाना राइजिंग’ प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. इस बैठक में दोनों पक्षों ने राज्य के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, खासकर भारत फ्यूचर सिटी में आपसी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की.

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने ‘तेलंगाना राइजिंग 2047’ विजन के बारे में बताया और 2047 तक राज्य को 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का भविष्य-निर्धारक रोडमैप साझा किया. उन्होंने भारत फ्यूचर सिटी प्रोजेक्ट के बारे में बताया. ये भारत का पहला नेट-जीरो ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी है, जो लगभग 30,000 एकड़ में फैला हुआ है. इसमें AI, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंडस्ट्रीज और इंटरटेनमेंट जोन के लिए समर्पित जोन होंगे.

मुख्यमंत्री ने बताया कि मारुबेनी (Marubeni) और सेमकॉर्प (Semcorp) जैसी ग्लोबल कंपनियां पहले से ही इस प्रोजेक्ट से जुड़ चुकी हैं. हाल ही में रिलायंस ग्रुप के वंतारा के साथ नए चिड़ियाघर की स्थापना के लिए MoU भी साइन किया गया है.

सऊदी स्थित बिजनेस ग्रुप Expertise तेलंगाना की YISU (Young India Skills University) के साथ साझेदारी करने जा रहा है. मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, Expertise के CEO मोहम्मद आशिफ ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाले 'तेलंगाना राइजिंग' प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान YISU के साथ साझेदारी में गहरी रुचि जताई.

ये कंपनी मध्य पूर्व में मजबूत उपस्थिति रखती है और मुख्य रूप से पेट्रोकेमिकल, तेल-गैस, उर्वरक, स्टील, सीमेंट, जल उपचार तथा बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्रों में प्लांट मेंटेनेंस सर्विस देती है.

अन्या राज्यों की डील्स

इन सब के अलावा आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने 50 करोड़ रुपये का फंड एनाउंस किया. ये एंटरप्रेन्योरशिप बूस्ट करने के लिए होगा. नायडू द्वारा किए गए बड़े MoUs की डिटेल्स आनी बाकी. राज्य का ग्रीन एनर्जी और इनोवेशन पर फोकस है.

वहीं, उत्तर प्रदेश ने 9,750 करोड़ रुपये के MoUs साइन किए. इसमें SAEL इंडस्ट्रीज के साथ 8,000 करोड़ रुपये का वेस्ट-टू-एनर्जी एग्रीमेंट. Sify टेक्नोलॉजी के साथ 1,600 करोड़ रुपये का AI-रेडी डेटा सेंटर, और 150 करोड़ रुपये की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग डील है.

उधर, असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश टारगेट रखा है. ग्रीन/न्यू एनर्जी पर फोकस है. मध्य प्रदेश के सीएम सीएम मोहन यादव ने JioStar के साथ टूरिज्म प्रोजेक्ट्स पर कोलैबोरेशन किया है.

WEF दावोस में हुए MoUs क्या ग्राउंड पर दिखेंगे? ये अभी देखना बाकी है. भारत की तरफ से आने वाले दिनों में अभी कई और डील्स सामने आ सकती हैं.

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