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भारत-UAE के बीच क्या-क्या समझौते हुए? पीएम मोदी-MBZ ने बड़ा टारगेट रखा

न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी. जिसमें बड़े न्यूक्लियर रिएक्टर, स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर और सिविल न्यूक्लियर सेक्टर में नए अवसर शामिल हैं.

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India, UAE Set $200 Billion Trade Target By 2032 PM Modi, MBZ Seal Defence, Energy And Space Pacts
पीएम मोदी और MBZ एक ही वाहन में पीएम आवास पहुंचे. (फोटो- X)
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प्रशांत सिंह
20 जनवरी 2026 (Published: 08:31 AM IST)
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भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने द्विपक्षीय व्यापार को अगले छह सालों में दोगुना करने का बड़ा लक्ष्य तय किया है. दोनों देशों ने 2032 तक सालाना 200 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य रखा है. ये घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (MBZ) की नई दिल्ली में हुई बैठक के दौरान की गई.

सोमवार, 19 जनवरी को UAE के राष्ट्रपति की एक दिवसीय भारत यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने करीब साढ़े तीन घंटे तक विस्तृत बातचीत की. विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने इसे ‘छोटी लेकिन बेहद सार्थक’ यात्रा बताया. पीएम मोदी ने दिल्ली हवाई अड्डे पर MBZ का गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों एक ही वाहन में पीएम आवास पहुंचे.

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पीएम मोदी ने दिल्ली हवाई अड्डे पर MBZ का गर्मजोशी से स्वागत किया.

भारत-UAE का द्विपक्षीय व्यापार 2023-24 में लगभग 84 अरब डॉलर था. जो 2022 की कॉम्प्रीहेन्सिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप (CEPA) के बाद तेजी से बढ़ा है. अब दोनों देश इसे 2032 तक 200 अरब डॉलर तक ले जाना चाहते हैं. व्यावसायिक समुदायों के उत्साह को देखते हुए ये लक्ष्य काफी व्यावहारिक माना जा रहा है.

डिफेंस सेक्टर में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा भागीदारी के लिए फ्रेमवर्क समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए. इससे रक्षा सहयोग में काफी विस्तार होगा.

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विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने इसे ‘छोटी लेकिन बेहद सार्थक’ यात्रा बताया. 

ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े समझौते हुए. भारत की हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और UAE की अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी गैस (ADNOC गैस) के बीच 10 सालों का समझौता हुआ, जिसके तहत 2028 से हर साल 5 लाख मीट्रिक टन LNG की आपूर्ति होगी. UAE अब कतर के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा एलएनजी आपूर्तिकर्ता बन गया है.

इसके अलावा न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी. जिसमें बड़े न्यूक्लियर रिएक्टर, स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर और सिविल न्यूक्लियर सेक्टर में नए अवसर शामिल हैं. 

स्पेस सेक्टर में भी सहयोग को नई दिशा मिली. दोनों देशों ने स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट साइन किया. इसमें नए लॉन्च कॉम्प्लेक्स, सैटेलाइट फैब्रिकेशन सुविधाएं, संयुक्त मिशन, स्पेस अकादमी और ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने की योजना है.

अन्य प्रमुख क्षेत्रों में समझौते-

- खाद्य सुरक्षा पर समझौता, जिससे भारतीय किसानों को यूएई में कृषि उत्पादों और फूड प्रोडक्ट्स के निर्यात में मदद मिलेगी. इससे UAE की खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी.

- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को प्राथमिकता क्षेत्र बनाया गया. भारत में यूएई के साथ सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित करने और डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने पर सहमति बनी. डेटा एम्बेसी स्थापित करने की संभावना भी तलाशी जा रही है.

- गुजरात के धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन में यूएई की भागीदारी. इसमें इंटरनेशनल एयरपोर्ट, पायलट ट्रेनिंग स्कूल, एमआरओ फैसिलिटी, ग्रीनफील्ड पोर्ट, स्मार्ट शहर, रेल कनेक्टिविटी और ऊर्जा प्रोजेक्ट्स शामिल हैं.

दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व में यमन, गाजा और ईरान की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की. क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद की कड़ी निंदा की और कहा कि आतंकवाद के कर्ताधर्ता, समर्थक और फाइनेंसर को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए. UAE ने भारत की BRICS अध्यक्षता का समर्थन भी जताया.

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