'हम इसको देखेंगे', भारत ने डिफेंस डील पर पाकिस्तान के साथ सऊदी अरब को भी इशारों में चेताया
विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी कदम उठाएगी और क्षेत्र की राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी.
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पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हाल ही में हुए डिफेंस समझौते पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा है कि वो इस समझौते के राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करेगा. भारत ने ये भी उम्मीद जताई है कि सऊदी अरब आपसी हितों को ध्यान में रखेगा.
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया से बताया,
विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी कदम उठाएगी और क्षेत्र की राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी. जायसवाल ने कहा,
उन्होंने आगे कहा कि भारत इस घटनाक्रम के प्रभावों का अध्ययन करेगा.
बता दें कि पाकिस्तान और सऊदी अरब ने रक्षा समझौते के तहत घोषणा की है कि किसी एक पर हमला दोनों पर आक्रमण माना जाएगा. जानकार इसके कई मानये निकाल रहे हैं. डील के बाद दोनों देशों ने कहा कि ये उनकी करीब आठ दशकों पुरानी साझेदारी को मजबूत करती है, जो ‘भाईचारे, इस्लामी एकजुटता, रणनीतिक हितों और डिफेंस सिक्योरिटी पर आधारित’ है. इस समझौते का एलान कतर में हमास पर किए गए इजरायली हमले के कुछ दिनों बाद हुआ है.
भारत-सऊदी संबंधों की बात करें तो दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग मजबूत हैं. भारत, सऊदी अरब से तेल खरीदता है. दोनों देशों के बीच व्यापार 2024 में 50 अरब डॉलर से अधिक पहुंच चुका है. हाल के वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सऊदी यात्राओं ने इस साझेदारी को और बल मिला है. हालांकि, पाकिस्तान के साथ सऊदी के करीबी संबंध हमेशा से भारत के लिए चिंता का विषय रहे हैं, खासकर कश्मीर मुद्दा और आतंकवाद के संदर्भ में
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