वेनेजुएला संकट पर भारत ने जताई चिंता, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने क्या अपील की?
विदेश मंत्री ने दोनों देशों से आग्रह किया कि वो आपस में बातचीत करें और ऐसी स्थिति बनाएं जो वेनेजुएला के लोगों के कल्याण और सुरक्षा के हित में हो.

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम पर चिंता व्यक्त करते हुए भारत का रुख साफ कर दिया है. जयशंकर ने दोनों पक्षों से अपील की कि वो बैठकर एक ऐसा समाधान निकालें जो वेनेजुएला के लोगों के हित में हो. विदेश मंत्री ने भारत-वेनेजुएला संबंधों पर भी बात की.
जयशंकर लक्ज़मबर्ग की यात्रा पर हैं. मंगलवार, 6 दिसंबर को देश में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के वेनेजुएला के साथ कई सालों से अच्छे संबंध रहे हैं. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक जयशंकर ने कहा,
“हमने सोमवार, 5 जनवरी को एक बयान जारी किया था, मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि उसे जरूर देखें. अगर उस बयान को संक्षेप में कहूं तो हम हाल की घटनाओं को लेकर चिंतित हैं. लेकिन हम सभी संबंधित पक्षों से आग्रह करते हैं कि अब वे बैठें, आपसी बातचीत करें और ऐसी स्थिति बनाएं जो वेनेजुएला के लोगों के कल्याण और सुरक्षा के हित में हो. आखिरकार, हमारी चिंता इसी बात की है.”
उन्होंने आगे कहा,
“हम वेनेजुएला को वैसे ही देखना चाहते हैं, जिसके साथ हमारे कई-कई सालों से बहुत अच्छे संबंध रहे हैं. हम बस यही चाहते हैं कि वहां के लोग अच्छे रहें, चाहे घटनाएं किसी भी दिशा में जाएं.”
जयशंकर ने आगे कहा,
“आज के जमाने में देश तब ही कुछ करते हैं, जब उन्हें उसमें अपना सीधा फायदा दिखे. फ्री में सलाह तो बहुत देंगे. अगर कुछ हो जाए तो बोलेंगे, मत करो हमें टेंशन हो रही है. कभी-कभी ऐसा सुनने को मिलता है, जैसा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ था.”
सोमवार, 5 जनवरी को जारी बयान में विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा था कि वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय हैं. सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है. बयान में कहा गया,
"भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के प्रति अपना समर्थन दोहराता है. हम सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वो सभी मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से संवाद के माध्यम से हल करें, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे. काराकस में भारतीय दूतावास भारतीय समुदाय के सदस्यों के संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करता रहेगा.”
भारत सरकार ने एक एडवाइजरी भी जारी की थी. जिसमें सभी भारतीय नागरिकों से वेनेजुएला की गैर-आवश्यक यात्रा टालने की सलाह दी गई है. वेनेजुएला में मौजूद भारतीय नागरिकों से अत्यधिक सावधानी बरतने और अपनी आवाजाही को भी सीमित रखने की अपील की गई है.
बता दें कि अमेरिकी सेना ने 3 जनवरी की देर रात काराकस में एक ऑपरेशन चलाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके आवास से गिरफ्तार किया था. अमेरिकी डेल्टा फोर्सेस ने हवाई हमलों के साथ ये कार्रवाई की, जिसमें कम से कम 50 नागरिकों और सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई. मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका ले जाया गया था. जहां उन पर नार्को-टेररिज्म, कोकीन तस्करी और हथियारों से संबंधित गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
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