"भारत हिंदू राष्ट्र है, इसे मंजूरी की जरूरत नहीं", मोहन भागवत संविधान-संसद पर भी बोले
भागवत ने लोगों से संगठन के कार्यालयों और शाखाओं में आने का आग्रह किया, जिससे कि संगठन को मुस्लिम-विरोधी बताने वाली गलत धारणा दूर हो सके.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है और इसे संवैधानिक मंजूरी की कोई आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा कि यही सत्य है. भागवत ने ये बयान कोलकाता में संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित '100 व्याख्यान माला' कार्यक्रम में दिया.
भागवत ने कहा कि भारत हिंदू राष्ट्र है और जब तक देश में भारतीय संस्कृति की कद्र की जाती रहेगी, तब तक हिंदू राष्ट्र बना रहेगा. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक कार्यक्रम में संघ प्रमुख ने कहा,
मोहन भागवत आगे बोले,
भागवत ने लोगों से संगठन के कार्यालयों और शाखाओं में आने का आग्रह किया, जिससे कि संगठन को मुस्लिम-विरोधी बताने वाली गलत धारणा दूर हो सके. उन्होंने कहा कि लोगों ने समझ लिया है कि संघ हिंदुओं की रक्षा की वकालत करता है और कट्टर राष्ट्रवादी है, लेकिन मुस्लिम-विरोधी नहीं. भागवत बोले,
उन्होंने कहा कि जो सीखना नहीं चाहता, उसकी मदद नहीं की जा सकती. भागवत बोले,
भागवत ने इस दौरान बताया कि बहुत से लोगों ने ये मान लिया है और जो ज्यादा जानना चाहते हैं, वो खुद आकर संघ देखें.
वीडियो: मोहन भागवत ने 75 साल में रिटायरमेंट पर कौन सा किस्सा सुनाकर दिया?

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