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कौन हैं रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल? बड़े घोटाले में नाम, ACB ने लुक आउट नोटिस के लिए लिखा लेटर

Rajasthan Jal Jeevan Mission Scam: इससे पहले 17 फरवरी को ACB ने इस मामले में 15 ठिकानों पर छापेमारी भी की थी. यह छापेमारी सुबोध अग्रवाल और 15 अन्य आरोपियों के संभावित ठिकानों पर की गई थी. अब इस केस में नया अपडेट आया है.

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रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल (दाएं), जल जीवन मिशन की सांकेतिक तस्वीर (बाएं). (Photo: ITG/Linkedin)
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सचिन कुमार पांडे
19 फ़रवरी 2026 (पब्लिश्ड: 07:55 AM IST)
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राजस्थान के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जल जीवन मिशन घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ACB ने रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी करने की मांग की है. इसके लिए जांच एजेंसी ने नई दिल्ली में इमिग्रेशन ऑफिस को पत्र भेजा है.

ACB के पुलिस सुपरिटेंडेंट पुष्पेंद्र सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि अब यह इमिग्रेशन के हाथ में है कि वो LOC कब जारी करेंगे. मालूम हो कि लुक आउट सर्कुलर जारी होने के बाद किसी व्यक्ति को देश छोड़ने से रोका जा सकता है. इसके लिए एयरपोर्ट, सीपोर्ट और जमीनी बॉर्डर पर अलर्ट भेजा जाता है.

कौन हैं सुबोध अग्रवाल?

सुबोध अग्रवाल राजस्थान कैडर के 1988 बैच के IAS अधिकारी हैं. वह राजस्थान सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों और पदों पर रह चुके हैं. वह 31 दिसंबर 2025 को रिटायर हुए थे. फिलहाल राज्य के चर्चित जल जीवन मिशन घोटाला मामले में वह जांच एजेंसियों के घेरे में हैं. राजस्थान सरकार ने उनके रिटायरमेंट से कुछ दिनों पहले ही उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी.

आरोप है कि उनके पब्लिक हेल्थ एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (PHED) में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी रहने के दौरान ही जल जीवन मिशन में फर्जी टेंडर जारी हुए थे. इसी मामले में उनके खिलाफ जांच चल रही है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इस कथित जल जीवन मिशन घोटाले में 960 करोड़ रुपये के टेंडर शामिल हैं. जांच एजेंसियों के मुताबिक दो फर्मों ने कथित तौर पर नकली कंप्लीशन सर्टिफिकेट जमा करके टेंडर हासिल किए थे.

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ACB ने की थी छापेमारी

इससे पहले 17 फरवरी को ACB ने इस मामले में 15 ठिकानों पर छापेमारी भी की थी. आजतक की रिपोर्ट के अनुसार यह छापेमारी सुबोध अग्रवाल और 15 अन्य आरोपियों के संभावित ठिकानों पर की गई थी. साथ ही एजेंसी ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में भी लिया था. रिपोर्ट के मुताबिक एसीबी की टीमें उन सभी संदिग्ध ठिकानों को खंगाल रही हैं, जिनका संबंध 'जल जीवन मिशन' के टेंडरों या पेमेंट प्रक्रिया से रहा है. अधिकारियों का मानना है कि इस बड़े सर्च ऑपरेशन के बाद कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं, जिससे घोटाले की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी.

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