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हरियाणा का एक और IAS अधिकारी गिरफ्तार, 60 करोड़ के गबन का आरोप

CBI ने हरियाणा के IAS अधिकारी पंकज अग्रवाल को IDFC फर्स्ट बैंक स्कैम से जुड़े सरकारी फंड गबन मामले में गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी का दावा है कि शिक्षा और कृषि विभाग के खातों के जरिए 60.54 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई थी.

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23 जून 2026 (पब्लिश्ड: 10:12 PM IST)
Pankaj Aggarwal IAS IDFC First Bank Scam
हरियाणा के आईएएस पंकज अग्रवाल को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया. (फोटो- आज तक)
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हरियाणा के एक और IAS अधिकारी को 22 जून की रात को CBI ने गिरफ्तार कर लिया. मंगलवार, 23 जून को पंचकूला की अदालत ने उन्हें दो दिन की CBI कस्टडी में भेज दिया. इस अधिकारी का नाम है, पंकज अग्रवाल. 2000 बैच के IAS अधिकारी हैं और IDFC फर्स्ट बैंक स्कैम मामले में आरोपी हैं. उन पर सरकारी फंड के गबन के आरोप लगे हैं. एक हफ्ते पहले ही हरियाणा में एक और IAS अधिकारी आरके सिंह को भी गबन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. 

हरियाणा का एक और IAS अधिकारी गिरफ्तार

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, CBI के प्रवक्ता ने बताया कि IAS पंकज अग्रवाल को हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (HSSPP) और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के सरकारी फंड के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. जिस समय ये घोटाले हुए थे, वह शिक्षा विभाग और कृषि विभाग में प्रधान सचिव थे. CBI के अनुसार, जांच में पता चला कि इन विभागों के खातों में धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन के जरिए फंड का गबन किया गया. इससे सरकार को 60.54 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।.

हरियाणा सरकार के कहने पर CBI ने इस केस को अपने हाथ में लिया था. जांच में पता चला कि इन विभागों के खाते हरियाणा सरकार के वित्त विभाग के मौजूदा नियमों का उल्लंघन करके खोले गए थे. बाद में उनमें तय सीमा से ज्यादा फंड ट्रांसफर किया गया था. ये खाते IAS पंकज अग्रवाल के कार्यकाल के दौरान खोले गए थे, जो उस समय विभाग के प्रधान सचिव थे.

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CBI ने कहा कि जांच के दौरान आरोपी IAS पंकज अग्रवाल के खिलाफ कई ठोस सबूत इकट्ठा किए गए हैं. बता दें कि HSSPP और HSAMB नाम के इन दोनों विभागों में हुई धोखाधड़ी में तकरीबन 60.54 करोड़ रुपये का गबन किया गया था. यह सेक्टर 32 की IDFC फर्स्ट बैंक शाखा में हुए एक बड़े घोटाले का हिस्सा है, जिसमें हरियाणा सरकार के 8 विभागों के 504 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई थी और उन्हें शेल कंपनियों (फर्जी कंपनियों) में ट्रांसफर कर दिया गया था.

अब तक CBI ने इस मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इनमें IDFC फर्स्ट बैंक, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 सरकारी कर्मचारी, 2 कंपनियां और 6 प्राइवेट व्यक्ति शामिल हैं.

वहीं, हफ्ते भर पहले पंचकूला नगर निगम में फंड के गलत इस्तेमाल के मामले में फंसे सीनियर IAS अधिकारी आरके सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था. सोमवार, 22 जून को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

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